...तो आजमगढ़ से मुलायम के लड़ने की ये खास वजह है?

By: | Last Updated: Monday, 31 March 2014 12:25 PM

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव का मैनपुरी के साथ-साथ आजमगढ़ लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ने के पीछे पार्टी की सीटें बढ़ाने और नरेंद्र मोदी का पूर्वाचल में असर कम करने के अलावा अपने छोटे बेटे प्रतीक के लिए यहां राजनीतिक मैदान तैयार करने की बड़ी रणनीति है.

 

आजमगढ़ सपा का गढ़ माना जाता है. यहां की दस विधानसभा सीटों में से नौ पर सपा का कब्जा है. ऐसे में मुलायम को अपने छोटे बेटे को यहां से राजनीति में उतारना एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है.

 

सपा सूत्रों के मुताबिक दोनों सीटों (मैनपुरी, आजमगढ़) पर जीत दर्ज करने के बाद सपा प्रमुख की योजना मैनपुरी सीट को कायम रखकर और आजमगढ़ को छोड़कर बाद में यहां होने वाले उपचुनाव में बेटे प्रतीक यादव को इस सीट से चुनाव लड़ाकर राजनीति में पदार्पण कराने की है.

 

पार्टी की तरफ से हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि मुलायम आजमगढ़ की सीट छोड़ देंगे, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि दोनों सीटों पर जीतने के बाद मुलायम अपनी परंपरागत मैनपुरी सीट छोड़ने वाले नहीं हैं.

 

सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस बारे में पूछने पर कहा, “इस बारे में फैसला नेता जी (मुलायम) को करना है.”

 

वैसे प्रतीक को आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने की मांग करीब साल भर पहले उठी थी, जब पार्टी की तरफ से लोकसभा उम्मीदवारों की सूची जारी की जा रही थी, लेकिन उस समय कैबिनेट मंत्री बलराम यादव को यहां का टिकट दिया गया था.

 

पार्टी की तरफ से कहा जा रहा है कि वाराणसी सीट से चुनाव लड़ रहे नरेंद्र मोदी के प्रभाव को कम करने और सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए मुलायम मैदान में उतरे हैं, लेकिन सपा प्रमुख की रणनीति बेटे प्रतीक को मैदान में उतारने के पहले जीत दर्ज करके आजमगढ़ में उनके (प्रतीक) लिए अनुकूल राजनीतिक मैदान तैयार करने की है.

 

वैसे तो अभी तक इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निवर्तमान सांसद रमाकांत यादव की जीत की संभावना व्यक्त की जा रही थी, लेकिन अब मुलायम के यहां से मैदान में उतरने से समीकरण बदल गए हैं और उनका (मुलायम) पलड़ा भारी नजर आ रहा है.

 

सपा संसदीय बोर्ड के एक सदस्य ने कहा कि आजमगढ़ की राजनीति मुस्लिम-यादव समीकरण पर आधारित है. यहां आधी आबादी में 25 फीसदी यादव और 25 फीसदी मुसलमान हैं. ऐसे में मुलायम को यहां से प्रतीक की राजनीतक पारी शुरू कराना बेहतर लग रहा है, लेकिन यदि जीत का अंतर एक लाख से कम हुआ तो फिर सपा प्रमुख प्रतीक को यहां से मैदान में उतारने का फैसला फिलहाल के लिए टाल भी सकते हैं.

 

प्रतीक, यादव परिवार के आठवें सदस्य होंगे, जो सक्रिय राजनीति में शामिल होंगे. इससे पहले मुलायम, उनके दो भाई- रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव, पुत्र-अखिलेश यादव, पुत्रवधू- डिंपल यादव, भतीजे-धर्मेद्र यादव और अक्षय यादव सक्रिय राजनीति में हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: …तो आजमगढ़ से मुलायम के लड़ने की ये खास वजह है?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ele2014
First Published:

Related Stories

यूपी के 7000 से ज्यादा किसानों को मिला कर्जमाफी का प्रमाणपत्र
यूपी के 7000 से ज्यादा किसानों को मिला कर्जमाफी का प्रमाणपत्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 7574 किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया गया. इसके बाद 5...

सेना की ताकत बढ़ाएंगे छह अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, सरकार ने दी खरीदने की मंजूरी
सेना की ताकत बढ़ाएंगे छह अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, सरकार ने दी खरीदने की...

नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया. मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए...

क्या है अमेरिकी राजदूत के हिंदू धर्म परिवर्तन कराने का वायरल सच?
क्या है अमेरिकी राजदूत के हिंदू धर्म परिवर्तन कराने का वायरल सच?

नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक विदेशी महिला की चर्चा चल रही है.  वायरल वीडियों...

भागलपुर घोटाला: सीएम नीतीश कुमार ने दिए CBI जांच के आदेश
भागलपुर घोटाला: सीएम नीतीश कुमार ने दिए CBI जांच के आदेश

पटना/भागलपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर जिला में सरकारी खाते से पैसे की अवैध...

हिजबुल मुजाहिदीन को विदेशी आतंकी संगठन करार देना अमेरिका का नाजायज कदम: पाकिस्तान
हिजबुल मुजाहिदीन को विदेशी आतंकी संगठन करार देना अमेरिका का नाजायज कदम:...

इस्लामाबाद: आतंकी सैयद सलाहुद्दीन को इंटरनेशनल आतंकी घोषित करने के बाद अमेरिका ने कश्मीर में...

डोकलाम के बाद उत्तराखंड के बाराहोती बॉर्डर पर चीन की अकड़, चरवाहों के टेंट फाड़े
डोकलाम के बाद उत्तराखंड के बाराहोती बॉर्डर पर चीन की अकड़, चरवाहों के टेंट...

नई दिल्ली: डोकलाम विवाद पर भारत और चीन के बीच तनातनी जगजाहिर है. इस बीच उत्तराखंड के बाराहोती...

एबीपी न्यूज पर दिनभर की बड़ी खबरें
एबीपी न्यूज पर दिनभर की बड़ी खबरें

1. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मिशन 2019 की तैयारियां शुरू कर दी हैं और आज इसको लेकर...

20 महीने पहले ही 2019 के लिए अमित शाह ने रचा 'चक्रव्यूह', 360+ सीटें जीतने का लक्ष्य
20 महीने पहले ही 2019 के लिए अमित शाह ने रचा 'चक्रव्यूह', 360+ सीटें जीतने का लक्ष्य

नई दिल्ली: मिशन-2019 को लेकर बीजेपी में अभी से बैठकों का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय...

अगर लाउडस्पीकर पर बैन लगना है तो सभी धार्मिक जगहों पर लगे: सीएम योगी
अगर लाउडस्पीकर पर बैन लगना है तो सभी धार्मिक जगहों पर लगे: सीएम योगी

लखनऊ: कांवड़ यात्रा के दौरान संगीत के शोर को लेकर हुई शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

मालेगांव ब्लास्ट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीकांत पुरोहित की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
मालेगांव ब्लास्ट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीकांत पुरोहित की ज़मानत याचिका...

नई दिल्ली: 2008 मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017