थोक मंडियों में होने लगी है प्याज की किल्लत, दिल्ली मुंबई में प्याज के दाम बढ़े

By: | Last Updated: Tuesday, 17 June 2014 4:50 AM

नई दिल्ली: एक बार फिर महंगाई की वापसी हो गई है. प्याज के दाम तो बढ़ना तय है. अब इराक संकट के बाद जो विदेशी बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं उससे पेट्रोल डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं. इराक संकट के बाद कच्चे तेल की कीमत दस दिनों में करीब आठ डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गये हैं. 106 से 113 डॉलर प्रति बैरल तक कीमत पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में ये कीमत और ज्यादा बढ़ेगी. नतीजा भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है. भी डीजल पर सरकार को 1 रुपये बासठ पैसे का घाटा हो रहा है. कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर घाटा बढ़ेगा नतीजा डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. इसलिए आप महंगाई का महाकरंट झेलने को तैयार हो जाइए.

 

एक बार फिर प्याज की कीमत बढ़ सकती है. नासिक में मजदूरों की मांग के बाद व्यापारियों ने प्याज की खरीद बिक्री बंद कर दी है. इसका नतीजा एक दो दिन में ये हो सकता है कि थोक बाजारों में प्याज की किल्लत हो जाए. नासिक विवाद से पहले से ही दिल्ली में प्याज पांच रुपये किलो तक महंगा हो चुका है. प्याज़ की सबसे ज्यादा फसल महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में होती है. नासिक मंडी में प्याज की खरीद-बिक्री रुकने का असर पूरे देश में हो सकता है.

 

दिल्ली में क्या है कीमत-

बताया जा रहा है कि ओखला मंडी में प्याज का स्टॉक खत्म होने लगा है. थोक मंडी में प्याज की कीमत अभी 18 से 24 रुपये किलो है. खुदरा दुकानदार 25 रुपये किलो तक प्याज बेच रहे हैं. हालांकि सफल स्टोर पर प्याज अभी भी बीस से बाइस रुपये किलो ही बिक रहा है. 

 

क्या है वित्त मंत्री का कहना-

अप्रैल की तुलना में मई महीने में महंगाई दर में बढोतरी हुई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक खाने पीने की चीजों के दाम बढ़ने की वजह से महंगाई बढ़ रही है. जेटली ने राज्य सरकारों से जमाखोरों पर नकेल कसने को कहा है. हम आपको बता दें कि इराक संकट की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोलियम पेट्रोल डीजल के दाम पर भी असर पड़ सकता है. जिसका असर महंगाई के तौर पर देखा जा सकता है

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली भले ही राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने के लिए कह रहे हैं लेकिन विरोधी पार्टी के नेता इस हालत के लिए मोदी सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.