दिल्ली हाईकोर्ट: दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों की मौत की सजा बरकरार

By: | Last Updated: Thursday, 13 March 2014 10:11 AM

दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 वर्षीय पारामैडिकल छात्रा से 16 दिसंबर 2012 को सामूहिक बलात्कार और हत्या करने के मामले में चारों दोषियों की मृत्युदंड की सजा बरकरार रखी .

 

दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को चलती बस में एक युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए चार अभियुक्तों के मृत्युदंड की पुष्टि और उनके अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने ये फैसला सुनाया.

 

राजधानी दिल्ली में 23 वर्षीया फीजियोथेरेपिस्ट इंटर्न के साथ छह लोगों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसे बेहरमी से पीटा था. आरोपी युवती और उसके मित्र को दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड वाली रात में नग्नावस्था में सड़क किनारे फेंककर चले गए थे.

 

पीड़ित युवती को आंत में गंभीर चोटे आई थीं और 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई थी, जहां उसे विशेष उपचार के लिए भेजा गया था.

 

आरोपियों में से एक ने दिल्ली के तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी. जबकि, मामले के नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने 31 अगस्त 2013 को तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया था.

 

निचली अदालत ने 13 सितंबर, 2013 को मामले के बाकी चार आरोपियों मुकेश (26), अक्षय ठाकुर (28), पवन गुप्ता (19) और विनय शर्मा (20) को मौत की सजा सुनाई थी और पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट को सौंपा था.

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Web Title: दिल्ली हाईकोर्ट: दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों की मौत की सजा बरकरार
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