दूध की धारा बहाने वाले आणंद की पॉलिटिकल प्रोफाइल

दूध की धारा बहाने वाले आणंद की पॉलिटिकल प्रोफाइल

By: | Updated: 23 Nov 2012 09:42 AM


आणंद: 'कौन बनेगा
मुख्यमंत्री' का कारवां आज
गुजरात के आणंद में है.
दुनिया के टॉप टेन मिल्क
प्रोडक्ट्स ब्रांड अमूल को
जन्म देने वाले शहर के तौर पर
मशहूर है आणंद. एक नजर आणंद के
पॉलिटिकल प्रोफाइल पर.




मध्य गुजरात का अहम हिस्सा
माने जाने वाले आणंद जिले में
7 विधानसभा सीटें हैं. 2007 के
चुनावों तक आणंद जिले में
विधानसभा की आठ सीटें हुआ
करती थीं, लेकिन परिसीमन के
बाद एक सीट कम हो गई है. लिहाजा
इस बार आणंद की 7 सीटों पर
चुनाव लड़ा जाना है.




आणंद जिले की खंभात, बोरसद,
अंकलाव, उमरेठ, आणंद सिटी,
पेटलाद और सोजित्रा सीटें
हैं. अंकलाव सीट सारसा और
भादरण सीटों को खत्म कर नई
सीट बनाई गई है.




अगर 2007 की विधानसभा चुनाव पर
नजर डालें तो आणंद में
कांग्रेस का पलड़ा बीजेपी के
मुकाबले भारी रहा था.
कांग्रेस आणंद की चार सीटों
पर कब्ज़ा करने में कामयाब
रही थी, जबकि एक सीट उसकी
सहयोगी एनसीपी के खाते में गई
थी. बीजेपी को सिर्फ तीन
सीटें ही मिल सकी थीं.




इससे पहले 2002 के चुनावों में
बीजेपी कांग्रेस पर भारी
पड़ी थी. बीजेपी को आणंद जिले
की छह सीटों पर शानदार जीत
मिली थी, जबकि कांग्रेस को
महज दो सीटों से ही संतोष
करना पड़ा था.




इससे पहले के पन्ने पलटें तो
1998 के चुनावों में आणंद में
कांग्रेस का दबदबा रहा था.
कांग्रेस ने 8 में से 5 सीटों
पर कब्जा किया था और बीजेपी
को सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत
हासिल हुई थी.




जहां तक लोकसभा चुनावों की
बात है. 1999 में यहां बीजेपी ने
जीत हासिल की थी, जबकि 2004 और 2009
के चुनावों में यहां
कांग्रेस के भरत सिंह सोलंकी
ने जीत हासिल कर रुतबा कायम
किया था. सोलंकी अभी यूपीए
सरकार में मंत्री हैं.




दुनिया के टॉप टेन मिल्क
प्रोडक्ट्स ब्रांड अमूल को
जन्म देने वाले शहर के तौर पर
मशहूर आणंद यूं तो आर्थिक तौर
पर काफी समृद्ध माना जाता है,
लेकिन प्रदेश के दूसरे
विधानसभा क्षेत्रों की तरह
भ्रष्टाचार का मुद्दा यहां
भी हावी है.




http://www.youtube.com/watch?v=nWWI2hSR0Bk



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