देवयानी के बाद अब मोदी अमेरिका के लिए दूसरी बड़ी समस्या : टाइम

By: | Last Updated: Saturday, 18 January 2014 1:09 PM
देवयानी के बाद अब मोदी अमेरिका के लिए दूसरी बड़ी समस्या : टाइम

वाशिंगटन: भारत-अमेरिका के बीच देवयानी खोब्रागड़े मामले को लेकर पैदा हुए तनाव के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का उदय दोनों देशों के बीच अपेक्षाकृत अधिक तनाव पैदा कर सकता है. यह बात टाइम्स पत्रिका ने 27 जनवरी के अपने अंक कही है.

 

अमेरिका में भारतीय उपमहावाणिज्याद दूत खोब्रागड़े को वीजा धोखाधड़ी और घरेलू नौकरानी को कम वेतन देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. राजनयिक छूट मिलने पर वह स्वदेश लौट गई हैं.

 

टाइम के वरिष्ठ संवाददाता माइकल क्राउले लिखते हैं, “लेकिन संबंध के जल्द सुधरने की उम्मीद नहीं है. असल में जल्द ही वातावरण अपेक्षाकृत अधिक तनावपूर्ण हो सकता है, क्योंकि अपेक्षाकृत एक अधिक महत्वपूर्ण भारतीय नागरिक के वीजा से संबंधित विवाद उलझा हुआ है.”

 

क्राउले कहते हैं कि आगामी आम चुनाव में अगर भाजपा जीतती है तो मोदी अगले प्रधानमंत्री बनेंगे.

 

टाइम के मुताबिक, “वह फरवरी 2002 के सांप्रदायिक हिंसा की वजह से अमेरिका के लिए अब तक अस्वीकार्य हैं. मोदी के आलोचक कहते हैं कि उन्होंने हिंसा की या फिर हिंसा की अनदेखी की या फिर उसे भड़काया. खुद पर लगे आरोप को दृढ़ता से नकारा है और भारत के किसी न्यायालय में उन्हें दोषी नहीं पाया गया है.”

 

क्राउले कहते हैं कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 2005 में अमेरिकी कानून के तहत मोदी को वीजा देने से मना कर दिया था.

 

उन्होंने कहा है, “जब मोदी किसी राष्ट्रीय स्तर की भूमिका में थे, तब यह प्रतिबंध अप्रासंगिक था. लेकिन क्या अमेरिका भारत के शासनाध्यक्ष को काली सूची में डाल सकता है?”

 

वह कहते हैं कि अमेरिका के नीतिनिर्माता इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं. उन्होंने कहा, “अमेरिकी कांग्रेस में पेश किए गए प्रस्ताव में विदेश विभाग से मोदी के प्रवेश पर रोक को बरकरार रखने की मांग की गई थी.”

 

क्राउले लिखते हैं, “यथार्थवादी और अमेरिकी व्यवसायी मोदी के विदेशी निवेश पर खुले रवैये का लाभ उठाना चाहते हैं, और उनका कहना है कि उनके चरित्र को भारत के साथ अमेरिका के व्यापक संबंधों के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाना चाहिए.”

 

वह कहते हैं, “मोदी के जीतने पर, ओबामा प्रशासन पर देश व देश के बाहर तमाम लोग दबाव बनाएंगे कि उनके अतीत की निंदा की जाए और उनके अमेरिका पर रोक लगाई जाए. लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा को राष्ट्र हित में अलग सिद्धांत अपनाना होगा.”

 

क्राउले ने कहा, “इन वर्षो के दौरान अमेरिका ने भारत से कम मित्रवत देशों के घृणित नेताओं के साथ संबंध बनाया है. मोदी को वीजा न देकर अमेरिकी सरकार ने मोदी व गुजरात हिंसा पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है.”

 

इसके साथ ही वह कहते हैं कि दोनों देशों के लिए यह जरूरी है कि वह मोदी के अतीत की वजह से पीछे न जाएं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: देवयानी के बाद अब मोदी अमेरिका के लिए दूसरी बड़ी समस्या : टाइम
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017