नए नौसेना प्रमुख रोबिन धोवन के लिए ये हैं चुनौतियां

नए नौसेना प्रमुख रोबिन धोवन के लिए ये हैं चुनौतियां

By: | Updated: 17 Apr 2014 01:23 PM

नई दिल्ली : कई हादसों के चलते अपने पूर्ववर्ती के इस्तीफे के बाद नौसेना की कमान संभालने वाले नए नौसेना प्रमुख एडमिरल रोबिन धोवन ने आज कहा कि बल यह सुनिश्चित करेगा कि इस प्रकार के हादसे भविष्य में नहीं हों और जवान शार्टकट अपनाए बिना तय नियमांे का पालन करें .

 

नौसेना के 22वें प्रमुख का पदभार संभालने के तुरंत बाद धोवन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमारे पास प्रभावी सुरक्षा निगरानी और कड़ी प्रक्रिया है जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हादसे न हों .’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हादसों का पहलू यह मुद्दा है कि एक पेशेवर नौसैनिक होने के नाते, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं नहीं हों .’’ यह पूछे जाने पर कि हादसों पर नौसेना किस प्रकार काबू पाएगी, धोवन ने कहा, ‘‘ऐसा करने के लिए रास्ता यही है कि कामकाज की मानक प्रक्रिया को अपनाया जाए जो कि निर्धारित है और हम कोई शार्टकट नहीं लें जो इस प्रकार के हादसों का कारण बनते हैं .’’ धोवन के पूर्ववर्ती एडमिरल डी के जोशी ने एक के बाद एक हुए हादसों की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था.

 

पिछले दस महीने में नौसेना को 14 हादसे झेलने पड़े जिनमें दो पनडुब्बियों में हुए हादसे भी शामिल थे.

 

पहली बड़ी दुर्घटना पिछले वर्ष अगस्त में हुई थी जिसके परिणामस्वरूप आईएनएस सिंधुरक्षक डूब गयी थी और उस पर सवार 18 नौसैनिक मारे गए थे .

 

दूसरी पनडुब्बी दुर्घटना 26 फरवरी को हुई थी, जिसमें दो अधिकारी आईएनएस सिंधुरत्न पनडुब्बी हादसे में मारे गए थे . इसके चलते जोशी ने नौसेना प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया. 

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