निर्मल बाबा पर 65 हजार रुपये ग़बन का आरोप

निर्मल बाबा पर 65 हजार रुपये ग़बन का आरोप

By: | Updated: 19 Apr 2012 09:04 AM


नई दिल्ली/ रांची:
निर्मलजीत सिंह नरूला यानी
निर्मल बाबा के खिलाफ रोज नए
खुलासे हो रह हैं. आज स्टार
न्यूज बाबा से जुड़े एक कंपनी
के बारे में खुलासा करने जा
रहा है.




सवाल उठ रहे हैं कि क्या
निर्मल बाबा की कोई कंपनी थी?
क्या निर्मल बाबा ने गबन किया
है? क्या निर्मल बाबा भगोड़े
हैं? ऐसे कई सवाल के जवाब इस
खुलासे में मिलेंगे.




मामला 1996-97 का है. एक कंपनी पर
आरोप लगा झारखंड राज्य खनिज
निगम के 65 हजार रुपये लेकर
फरार होने का. कहा जा रहा है कि
ये कंपनी निर्मल जीत सिंह
नरूला यानी निर्मल बाबा की
थी.




निर्मल बाबा पर आरोप इसलिए लग
रहे हैं क्योंकि झारखंड
राज्य खनिज विकास निगम यानी
जेएसएमडीसी का 65 हजार रुपया
लेकर एक कंपनी गायब हो गई. इस
कंपनी का नाम है नरूला
मिनरल्स.




कहा जा रहा है कि नरूला
मिनरल्स निर्मल बाबा यानी
निर्मल जीत सिंह नरूला की ही
कंपनी थी. नरूला मिनरल्स
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के
बहरागोड़ा में कायनाइट
पत्थर के खनन का काम करती थी.




क्या है मामला?




1996-97 में बिहार राज्य खनिज
विकास निगम बीएसएमडीसी ने
बहरागोड़ा की ज्योति पहाड़ी
पर कायनाइट पत्थर के खनन के
लिए नरूला मिनरल्स को ठेका
दिया था.




नियमों के मुताबिक अगर
ठेकेदार को खनिज की जरूरत
होती है तो वो निगम से ही
खरीदता है. बताया जाता है कि
नरूला मिनरल्स ने कायनाइट
पत्थर की खरीदारी की थी जिसकी
कीमत 65 हजार रुपये थी, लेकिन
पत्थर की खरीदारी के बाद से
ही कंपनी फरार हो गई.




स्टार न्यूज उस ज्योति
पहाड़ी के पास पहुंचा. पता
चला निर्मल बाबा कायनाइट
पत्थर का इस्तेमाल अपनी ईंट
बनाने वाली कंपनी के लिए करते
थे.




नवंबर 2000 में झारखंड अलग
राज्य बना. 2001 में बीएसएमडीसी
झारखंड में आ गया और उसका नाम
जेएसएमडीसी हो गया. साल 2001 से
ही कंपनी की तरफ से फाइलों की
सालाना जांच में बकायेदारों
की लिस्ट में नरूला मिनरल्स
का नाम होता है.




चेक बाउंस का भी मामला?




स्टार न्यूज जब इस मामले की
पड़ताल के लिए बहरागोड़ा में
निगम के दफ्तर पहुंचा तो उसी
नरूला मिनरल्स के खिलाफ एक
चेक बाउंस का मामला भी सामने
आया.




इस दफ्तर में
नरूला मिनरल्स के नाम की एक
फाइल बनी हुई है. फाइल से ही
पता चलता है कि नरूला मिनरल्स
ने बिहार राज्य खनिज विकास
निगम यानी बीएसएमडीसी  को 1996
में 43 हजार रुपये का एक चेक
दिया था. 4 अक्टूबर 1996 की तारीख
लिखे हुए इंडियन बैंक के इस
चेक का नंबर है 704353. ये 43 हजार
रुपये उसी 65 हजार रुपये का
हिस्सा था जिसे लेकर नरूला
मिनरल्स फरार हो गई.




निगम ने कंपनी के दिए दो पतों
पर पांच चिट्ठियां भी भजीं
लेकिन सभी वापस आ गईं. कंपनी
ने रांची का पता दिया था.
नरूला मिनरल्स, होटल प्लेस.
रूम नंबर - 20, कडरू, रांची और
दिल्ली का पता दिया था. नरूला
मिनरल्स, एन एस नरूला, 440,
प्रकाश मोहल्ला, ईस्ट ऑफ
कैलाश के पास, नई दिल्ली. 110065




स्टार न्यूज नरूला मिनरल्स
के दिल्ली वाले पते पर पहुंचा
तो पता चला कि पिछले चालीस
साल से यहां कोई और परिवार
रहता है.




क्या कर रहा है जेएसएमडीसी?




जेएसएमडीसी ने इस मामले में
खनन विभाग के जनरल मैनेजर को
तलब किया है. जरूरत पड़ने पर
कोर्ट भी जा सकती है सरकार.




निर्मल बाबा के खिलाफ लगातार
हो रही शिकायतें और ऊपर से
हेराफेरी का ये मामला. अगर ये
साबित हो जाता है कि 65 हजार की
हेराफेरी में बाबा का ही हाथ
है तो फिर उन पर कानून का
शिकंजा भी कस सकता है.




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