पंजाब में सरकार बनाने को लेकर गुना-भाग शुरू

पंजाब में सरकार बनाने को लेकर गुना-भाग शुरू

By: | Updated: 05 Mar 2012 05:43 AM


चंडीगढ़:
पंजाब में कांटे की टक्कर है.
कांग्रेस को ज्यादा सीटें तो
मिल रही है हैं, लेकिन पार्टी
पूर्ण बहुमत के जादूई आंकड़े
तक पहुंच नहीं पा रही है.




स्टार न्यूज से खास बातचीत
में कांग्रेस के पंजाब
प्रभारी गुलचरण सिंह चरक ने
मनप्रीत बादल की पार्टी
पीपीपी से भी दूरी से इनकार
नहीं किया.




पंजाब में किसकी बनेगी सरकार.
किसे मिलेगा जनमत. क्या
कांग्रेस को मिलेगा बहुमत या
फिर अकाली दोबारा सत्ता पर
काबिज होगी या फिर अन्य के
पास होगी सत्ता की चाबी. इस
सवाल का जवाब छह मार्च को मिल
जाएगा, लेकिन इससे पहले
राजनीतिक तोड़ जोड़ शुरू हो
गई है.




पंजाब की 117 सीटों वाली
विधानसभा में सरकार बनाने के
लिए कम से कम 59 सीटों की जरूरत
हैस लेकिन कांग्रेस और अकाली
दल-बीजेपी गठबंधन दोनों
बहुमत के बिल्कुल पास हैं.
हां, काग्रेस 58 सीटों के साथ
ज्यादा पास दिख रही है. लेकिन
सरकार दोनों ही नहीं बना पा
रही है.




सर्वे के मुताबिक कांग्रेस
को जहां एक सीट की जरूरत है
वहीं अकाली दल-बीजेपी गठबंधन
को 56 सीटें मिल रहीं है और उसे
बहुमत के लिए तीन सीटों की
जरूरत है.




पंजाब में कांग्रेस के
प्रभारी स्टार न्यूज के
सर्वे को तो सही मानते हैं
लेकिन सीटों के मामले में वो
कांग्रेस को 70 सीटें देते हैं.




सर्वे के मुताबिक किसी
पार्टी को बहुमत नहीं मिल रहा
है ऐसे में सरकार बनाने की
चाबी पीपीपी के हाथ में दिख
रही है. पीपीपी के मुखिया
मनप्रीत सिंह मुख्यमंत्री
प्रकाश सिंह बादल के भतीजे
हैं. मनप्रीत अपने चाचा से
नाराज हो अलग पार्टी बना कर
मैदान में थे. सर्वे में मिली
पीपीपी की इन दो सीटों पर
कांग्रेस की भी नजर है.




स्टार न्यूज से खास बातचीत
में पंजाब प्रभारी ने पार्टी
में कैप्टन अमरिंदर सिंह और
राजिंदर कौर भट्टल के बीच
किसी भी तरह के विवाद से
इनकार किया है.




इंतजार खत्म और बस कुछ घंटे
और. साफ हो जाएगा कि पंजाब की
जनता सत्ता की चाबी किसे
सौंपती हैं.




फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story गोलीबारी में शहीद लांस नायक को सेना ने अंतिम विदाई दी