पहली पत्नी को तलाक देने का दस्तावेज पेश करने पर रामविलास के खिलाफ शिकायत खारिज

पहली पत्नी को तलाक देने का दस्तावेज पेश करने पर रामविलास के खिलाफ शिकायत खारिज

By: | Updated: 21 Apr 2014 05:18 PM

पटना: लोकजनशक्ति पार्टी सुप्रीमों रामविलास पासवान के हाजीपुर संसदीय सीट से गत 15 अप्रैल को नामांकन पर्चा दाखिल करने के समय दिए हलफनामें में अपनी पहली पत्नी के नाम का जिक्र नहीं कर उनका नाम छिपाने को लेकर की गयी शिकायत पर पासवान द्वारा अपनी पहली पत्नी को वर्ष 1981 में तलाक दे देने का दस्तावेज पेश करने पर निर्वाचन आयोग ने उक्त शिकायत को आज खारिज कर दिया.

 

67 वर्षीय पासवान द्वारा नामांकन पर्चा के साथ जमा किए गए हलफनामें में पासवान ने हाजीपुर संसदीय सीट से गत 15 अप्रैल को नामांकन पर्चा दाखिल करने के समय दिए हलफनामें में अपनी दूसरी पत्नी के नाम का उल्लेख किया था तथा पहली पत्नी के नाम का जिक्र नहीं किया था.

 

जदयू उम्मीदवार और हाजीपुर से निवर्तमान सांसद रामसुंदर दास के प्रस्तावक कन्हैया प्रसाद द्वारा पासवान के खिलाफ की गयी उक्त शिकायत की आज सुनवाई के समय लोजपा उम्मीदवार के वकील और उनके प्रस्तावक उमेश प्रसाद शाही द्वारा जिला निर्वाची पदाधिकारी को बताया कि लोजपा सुप्रीमों ने अपनी पहली पत्नी राजकुमारी देवी को वर्ष 1981 में ही तलाक दे दिया था.

 

जिला निर्वाची पदाधिकारी ने शाही द्वारा पेश दस्तावेज के आधार पर कन्हैया प्रसाद द्वारा दायर शिकायत को खारिज करते हुए उनके नामांकन को सही ठहराया.

 

शाही ने बाद में पत्रकारों को बताया कि दोनों की सहमति से तलाक होने को लेकर उन्होंने दस्तावेज पेश किए हैं और उसके बाद लोजपा सुप्रीमों और उनकी पहली पत्नी के बीच कोई संबंध नहीं है.

 

जिला निर्वाची पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पासवान का नामंकन पत्र छंटनी के बाद सही पाया गया.

 

पासवान ने अपने नामांकन पर्चा में पत्नी की सपंत्ति वाले स्थान पर अपनी दूसरी पत्नी रीना पासवान का नाम लिखा था पर उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी के नाम का उल्लेख नहीं किया था.

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