पहले झूठ, फिर चूक, अब आप ने मांगी माफी, इससे निकला बड़ा सवाल: क्या दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हो गया ?

By: | Last Updated: Tuesday, 18 February 2014 11:53 AM
पहले झूठ, फिर चूक, अब आप ने मांगी माफी, इससे निकला बड़ा सवाल: क्या दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हो गया ?

नई दिल्ली. अपनी सरकार के 49 दिनों के कार्यकाल के दौरान दिल्‍ली में भ्रष्‍टाचार कम करने के दावे पर घिरने के बाद आम आदमी पार्टी ने माफी मांग ली है. पार्टी की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पार्टी नेता शाजिया इल्‍मी को हाल ही में एक सर्वे के बारे में पता चला, जिसके मुताबिक दिल्‍ली में भ्रष्‍टाचार कम हुआ है. यह जानकारी ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के ही एक कर्मचारी द्वारा उनके पास आई थी.

 

इसलिए उन्‍होंने समझ लिया कि सर्वे ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने ही किया होगा. हालांकि, उन्‍होंने इस बारे में मीडिया को कोई इंटरव्यू नहीं दिया था. उन्‍होंने यह जानकारी सार्वजनिक भर की थी, जिसे ‘हिंदुस्‍तान टाइम्‍स’ ने छाप दिया. इसी रिपोर्ट के आधार पर अरविंद केजरीवाल ने भी बयान दे दिया.

 

पार्टी ने कहा है कि अब हमें पता चला है कि इस सर्वे से ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का कोई लेना-देना नहीं है और इसकी जानकारी देने वाले शख्‍स ने भी ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल छोड़ दी है. इसलिए हमें इस गलती पर अफसोस है. इस विवाद से ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी हो तो हम इसके लिए संस्‍था से माफी मांगते हैं.

 

क्या है पूरा मामला

दिल्ली में भ्रष्टाचार कम होने के अरविंद केजरीवाल के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं. केजरीवाल ने जिस ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वे का दावा किया था उन्होंने 2008 के बाद भ्रष्टाचार पर कोई सर्वे ही नहीं कराया है. अब आम आदमी पार्टी कह रही है कि गलतफहमी की वजह से पूरा विवाद खड़ा हुआ है. बड़ा सवाल ये है कि क्या दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हो गया?

 

दूसरी बात यह है कि बीते 24 घंटों में जो कुछ हुआ वह सिर्फ गलतफहमी थी. ये बड़ा सवाल है. पहले आप की प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के हवाले से दिल्ली में भ्रष्टाचार कम होने का दावा किया और फिर उद्योगपतियों के साथ बैठकर सीआईआई में केजरीवाल ने भी वही दावा दोहरा दिया.

 

शाजिया के दावों पर तो ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने बयान जारी करके साफ कर दिया कि शाजिया गलत कह रही हैं जबकि केजरीवाल के दावे की पोल खोलने के लिए ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के चेयरमैन को खुद सामने आकर कहना पड़ा कि आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने भ्रष्टाचार पर सर्वे को लेकर उनसे कोई संपर्क नहीं किया है. 

 

पहले झूठ, फिर चूक: भ्रष्टाचार वाले सर्वे पर ‘आप’ ने माना गलती से लिया ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का नाम 

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के मुताबिक उन्होंने भारत में भ्रष्टाचार पर साल 2002 में, 2005 में और साल 2008 में तीन बार सर्वे कराया था. अब जब केजरीवाल सरकार की पोल खुली तो पार्टी के बड़े नेता मनीष सिसोदिया सफाई देने पहुंचे. उन्होंने कहा कि सर्वे अनुपमा झा कर रही है जो ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के लिए काम कर चुकी हैं. इसलिए कन्फ्यूजन हुआ. 

 

मनीष जिस अनुपमा झा का जिक्र कर रहे हैं उनसे जब एबीपी न्यूज ने संपर्क साधा तो अनुपमा का कहना है कि ये एक स्वतंत्र सर्वे है और इसे पिछले दस दिनों में किया गया है. हम अभी इसे अंतिम रूप दे रहे हैं. पिछले 40 दिनों में दिल्ली में रिटेल करप्शन कम हुआ है.

 

अब केजरीवाल भले सफाई दे रहे हों लेकिन आम आदमी की इस खास गलती से विरोधियों को उन पर हमला करने का मौका मिल गया है. आम आदमी पार्टी ने भले ही गलती मान ली हो लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हो गया.

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