पीएम उम्मीदवारी पर कांग्रेस में उहापोह, फिलहाल चुनाव प्रचार की कमान राहुल को सौंपी गई

By: | Last Updated: Thursday, 16 January 2014 3:21 AM

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने को लेकर चर्चा हुई जिसमें पार्टी के अधिकतर नेताओं की मांग थी कि राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए, लेकिन सोनिया गांधी ने ही इसका विरोध किया.

 

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह कहकर पार्टी नेताओं की राय को खारिज कर दिया कि चुनाव के पहले प्रत्याशी घोषित करना पार्टी की परंपरा में नहीं है.

 

कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि सीडब्ल्यूसी में सभी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने पर राजी थे. पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा करना कांग्रेस की परंपरा नहीं रही है.

 

द्विवेदी ने कहा कि पार्टी में सोनिया के बाद राहुल गांधी दूसरे नंबर पर होंगे. उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव में राहुल गांधी कांग्रेस के प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करने की जरूरत नहीं है.

 

पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, “कांग्रेस में प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी के एलान की परंपरा नहीं है और शीर्ष नेतृत्व का यह फैसला है कि चुनाव राहुल के नेतृत्व में लड़ा जाए.”

 

इससे पहले पार्टी सूत्रों ने बताया था कि बैठक में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में नाम पेश किए जाने के बारे में विभिन्न सुझावों पर भी विचार किया जाना है.

 

पार्टी सूत्रों ने कहा था कि पार्टी का एक धड़ा प्रधानमंत्री प्रत्याशी पेश किए जाने के पक्ष में है, जबकि दूसरे समूह को इस तरह के कदम पर आपत्ति है.

 

सूत्रों ने कहा कि जो लोग राहुल को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किए जाने पर जोर दे रहे हैं उनका मानना है कि इसे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा.

 

ऐसे नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी की ओर से अरविंद केजरीवाल को चुनावी चेहरा बनाए जाने की सूरत में कांग्रेस को ‘छवि विहीन’ होकर नहीं उतरना चाहिए.

 

हालांकि, शीर्ष नेतृत्व में राहुल के नाम को लेकर उहापोह की स्थिति बनी रही और आखिरकार राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई करने और चुनाव प्रचार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई.

 

राहुल तो तैयार थे?

 

कांग्रेस का प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी बनने में आनाकानी के संदेहों को दूर करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह पार्टी के हर आदेश को मानेंगे और पूरी क्षमता के साथ भावी जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे. राहुल ने कहा था कि उनकी पार्टी को 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद ‘देश हित’ में सत्ता में आना होगा. राहुल ने इस धारणा का भी खंडन किया कि वह शर्मीले राजनेता हैं.

 

गांधी ने कहा था कि पार्टी को युवाओं से और ज्यादा जुड़ने की जरूरत है और यह भी कहा कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव नहीं लड़ेंगी. आम आदमी पार्टी के कुछ तरीकों से असहमति जताते हुए गांधी ने बीजेपी के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की इस वर्ष होने जा रहे लोकसभा चुनाव में ‘व्यक्तिवादी सत्ता की चाहत’ की भी आलोचना की.

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Web Title: पीएम उम्मीदवारी पर कांग्रेस में उहापोह, फिलहाल चुनाव प्रचार की कमान राहुल को सौंपी गई
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