पीएम ने किया बुलेट ट्रेन और नए एयरपोर्ट का वादा

पीएम ने किया बुलेट ट्रेन और नए एयरपोर्ट का वादा

By: | Updated: 06 Jun 2012 09:57 AM


नई
दिल्‍ली:
नई दिल्‍ली: जब
अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई
तो प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह को इसकी चिंता सताने
लगी. उन्‍होंने
इंफ्रास्ट्र्क्चर से जुड़े
छह मंत्रियों को तलब करके कई
योजनाओं पर तुरंत काम करने का
फरमान जारी कर दिया.

देश
की जीडीपी की कमर टूट गई है.
महंगाई ने जान ले रखी है.
बाजार में नौकरियां नहीं हैं
और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी
है. इंफ्रास्ट्रक्चर यानी
संरचनात्मक क्षेत्र में आई
सुस्ती ने सरकार की नींद उड़ा
दी है.

इसीलिए अब इसमें
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
ने खुद दखल देने का फैसला
किया है. प्रधानमंत्री ने इस
क्षेत्र से जुड़े सभी छह
मंत्रियों को तलब किया और
पूछा कि वो हालात सुधारने के
लिए क्या कर रहे हैं.

देश
में इंफ्रास्ट्रक्चर में
सुधार के लिए बुधवार को
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
के घर कैबिनेट मंत्रियों की
बैठक हुई. इस बैठक में पीएम ने
बिजली, एविएशन, रेलवे और सड़क
निर्माण सेक्‍टर से जुड़ी कई
अहम योजनाओं पर चर्चा की.

बैठक
के बाद प्रधानमंत्री ने कई नई
योजनाओं को आनन-फानन में
अमलीजामा पहनाने का ऐलान भी
कर दिया.

बैठक में
प्रधानमंत्री ने 2012-13 के दौरान
कई महत्वपूर्ण योजनाओं को
पूरा करने का लक्ष्य रखा
जिसमें 9500 किलोमीटर लंबी सड़क
का निर्माण, 4000 किलोमीटर सड़क
की मरम्मत, मुंबई-अहमदाबाद के
बीच बुलेट ट्रेन, 18000 मेगावाट
बिजली उत्पादन, मुंबई में
एलिवेटेड रेल कॉरिडोर का
निर्माण, दो रेल इंजन कारखाने
का निर्माण, माल ढुलाई के लिए
अलग रेल कॉरिडोर का निर्माण,
दो नए बंदरगाहों का निर्माण,
लखनऊ, वाराणसी, कोयंबटूर,
त्रिचि और गया में नए
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का
निर्माण और नवी मुंबई, गोवा
और कन्नूर में नए ग्रीन फील्ड
एयरपोर्ट का निर्माण शामिल
है.

प्रधानमंत्री ने कहा,
'हमारी इस साल 9 हजार 500
किलोमीटर नई सड़क बनाने की
योजना है. 4000 किलोमीटर सड़कों
की मरम्‍मत करना चाहते हैं.
रेलवे के तहत हम मुंबई में
एलिवेटेड रेल कॉरिडोर बनाने
का काम शुरू करना चाहते हैं.
दो नए कारखाने बनाने के साथ
ही पीपीपी मॉडल के तहत
मालवाहक कॉरिडोर बनाना
चाहते हैं. चार-पांच स्‍टेशन
भी हम इस मॉडल के तहत लाना
चाहते हैं. इसी तरह जहाजरानी
में दो बड़े बंदरगाह बनाने की
भी योजना है. ऐसा दशक में पहली
बार होगा.'  वीडियो
देखें


प्रधानमंत्री ने
जिन छह मंत्रियों को तलब किया
उनमें कपिल सिब्बल, सीपी
जोशी, श्रीप्रकाश जायसवाल,
सुशील कुमार शिंदे, अजित सिंह
और जीके वासन शामिल हैं.

इनके
अलावा बैठक में योजना आयोग के
उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह
आहलूवालिया भी मौजूद थे.
लेकिन इस बैठक की गंभीरता का
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता
है कि रेल मंत्री मुकुल रॉय
प्रधानमंत्री के आमंत्रण के
बावजूद नहीं पहुंचे.

प्रधानमंत्री
ने बैठक के बाद कहा कि
इंफ्रास्ट्रक्चर में कई
बड़ी चुनौतियां हैं जिनका
सामना करना पड़ेगा.




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