प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला विदेश दौरा, आज से दो दिनों की यात्रा पर जाएंगे भूटान

By: | Last Updated: Sunday, 15 June 2014 2:49 AM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर आज नरेंद्र मोदी पड़ोसी देश भूटान रवाना होंगे. मोदी भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से भारत और भूटान के द्विपक्षीय संबंधों बातचीत करेंगे. मोदी की यात्रा से पहले भूटान ने दिया भरोसा दिलाते हुए कहा, भूटान का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किसी आतंकी गतिविधि के लिए नहीं होने देंगे.

 

मोदी के स्वागत के लिए भूटानी प्रधानमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के साथी पारो एयरपोर्ट पर मौजूद होंगे. पारो से भूटान की राजधानी थिम्पू तक की 55 किलोमीटर की दूरी मोदी सड़क मार्ग से तय करने वाले हैं.

 

शाम को मोदी पहले भूटान के महाराजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मिलेंगे. राजधानी थिम्पू के मुख्य प्रशासनिक भवन ताशीचेजौंग मुलाकात होगी.

 

शाम को मोदी भूटान के सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का भी उद्घाटन करेंगे जिसके लिए भारत सरकार ने 70 करोड़ रुपये की मदद दी थी.

 

भूटान दौरे के दूसरे दिन जब मोदी वहां की संसद को संबोधित करेंगे तो कोई ताली नहीं बजेगी. इसके पीछे भूटान की पुरानी मान्यता है कि ताली सिर्फ दुष्ट आत्माओं को भगाने के लिए बजाई जाती है.

 

इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान ‘‘अद्वितीय और अद्भुत संबंधों’’ की वजह से एक ‘‘स्वाभाविक पसंद’’ है तथा उनकी यात्रा विकास सहयोग को ‘‘और भी अधिक प्रभावी’’ बनाने पर केंद्रित होगी.

 

यात्रा पर रवाना होने से पूर्व मोदी ने अपने बयान में कहा कि भूटान के साथ संबंध उनकी सरकार की महत्वपूर्ण विदेश नीति की प्राथमिकता होंगे.

 

मोदी ने कहा, ‘‘मैं भूटान की अपनी पहली यात्रा एवं भूटान के साथ भारत के विशेष संबंधों को और भी अधिक गहरा तथा मजबूत बनाए जाने को लेकर उत्सुक हूं.’’ प्रधानमंत्री कल से दो दिन की भूटान यात्रा पर जा रहे हैं. उनका यह दौरा भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक और भूटानी प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे के आमंत्रण पर हो रहा है.

 

उन्होंने कहा,‘‘मैं पहले से ही मजबूत संबंधों को और मजबूत करने के लिए अत्यंत खुशी एवं दृढ़ इच्छा के साथ भूटान जा रहा हूं.’’ मोदी ने बताया कि उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भूटान को क्यों चुना.

 

उन्होंने कहा,‘‘समान हितों और साझा समृद्धि से बंधे भारत और भूटान के बीच अद्वितीय और खास संबंध हैं जो भूगोल, इतिहास और संस्कृति के रिश्तों से बने हैं. इसलिए प्रधानमंत्री के रूप में मेरी पहली विदेश यात्रा के गंतव्य के रूप में भूटान एक स्वाभाविक पसंद है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान उन्हें द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलू पर भूटान नरेश तथा भूटानी प्रधानमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा करने का मौका मिलेगा.

 

उन्होंने कहा,‘‘हमारे विकास सहयोग कार्यक्रम की भूटानी नेतृत्व के साथ मैं समीक्षा करूंगा, ताकि इसे भूटान के लोगों की बदलती आकांक्षाओं के परिप्रेक्ष्य में और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाया जा सके.”

 

मोदी ने कहा, ‘‘भूटान और भारत के बीच बेहद खास रिश्ता है जो वक्त पर खरा उतरा है .’’ उन्होंने कहा कि भूटान का शांतिपूर्ण एवं सुगम तरीके से लोकतांत्रिक संवैधानिक राष्ट्र के रूप में बदलाव एक सफल कहानी रहा है . ‘‘उसके गौरवों की बुद्धिमानी पूर्ण दूरदर्शिता के अनुरूप क्रमिक ढंग से इसका चुनाव आयोजन इसके लोकतंत्र के मजबूत होने का साक्ष्य है .’’ यात्रा के दौरान मोदी भूटान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. वह भारत की सहायता वाली परियोजनाओं में से एक भूटान के सुप्रीम कोर्ट की इमारत का भी उद्घाटन करेंगे.

 

मोदी ने बयान में कहा, ‘‘भारत सरकार भूटान के सामाजिक-आर्थिक विकास में इसकी विशेषाधिकृत और अग्रणी साझेदार रही है. हम भूटान की उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि और इसकी प्रगति तथा समृद्धि से अभिभूत हैं . हम भूटान को इसके विकास प्रयासों में अपना भरपूर समर्थन जारी रखने को कटिबद्ध हैं .’’

 

उन्होंने कहा कि भूटान के साथ पनबिजली सहयोग ‘‘फायदे वाले सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण तथा समूचे क्षेत्र के लिए एक मॉडल है.’’ यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 600 मेगावाट की खोलोंगचू पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखेंगे.

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Web Title: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला विदेश दौरा, आज से दो दिनों की यात्रा पर जाएंगे भूटान
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