प्रशांत के बयान से 'आप' ने झाड़ा पल्ला, की थी कश्मीर में जनमत संग्रह की वकालत

By: | Last Updated: Monday, 6 January 2014 9:29 AM
प्रशांत के बयान से ‘आप’ ने झाड़ा पल्ला, की थी कश्मीर में जनमत संग्रह की वकालत

नई दिल्ली: कश्मीर को लेकर दिये बयान पर प्रशांत भूषण अलग थलग पड़ गये हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कश्मीर में प्रशांत भूषण के बयान से पार्टी सहमत नहीं है.

 

केजरीवाल ने कहा कि एक निजी चैनल को दिया गया भूषण का बयान उनका नीजि बयान है. केजरीवाल ने कहा कि जनता की भावना का सम्मान होना चाहिए लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा का फैसला जनता के बीच नहीं हो सकता है. प्रशांत भूषण ने कहा है कि 4 बजे पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है उसी में जवाब दूंगा.

 

कश्मीर पर प्रशांत भूषण के बयान से अरविंद केजरीवाल का किनारा, प्रशांत ने कश्मीर में जनमत सर्वे की वकालत की थी. केजरीवाल ने आज कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में सेना की तैनाती बरकरार रखने के मसले पर जनमत संग्रह कराने का सवाल ही नहीं पैदा होता. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का हरहाल में सम्मान किया जाना चाहिए.

 

केजरीवाल ने अपनी ही पार्टी के सदस्य प्रशांत भूषण के विचारों से खुद को अलग रखते हुए कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में सेना की तैनाती आंतरिक सुरक्षा का मामला है. इस मुद्दे पर जनमत संग्रह करने का सवाल ही नहीं उठता.”

 

आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादियों से निपटने के लिए भारतीय सेना की तैनाती पर निर्णय जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए.

 

केजरीवाल ने हालांकि कहा, “स्थानीय लोगों की इच्छा को ध्यान में रखा जाना चाहिए, अन्यथा यह लोकतंत्र के लिए खतरा होगा. लेकिन हमारी पार्टी किसी तरह के जनमत संग्रह के पक्ष में नहीं है.”

 

अरुण जेटली का ‘आप’ पर हमला

 

इस बीच बीजेपी नेता अरुण जेटली ने आप नेता प्रशांत भूषण पर हमला बोलते हुए कहा है कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे जनता की राय से तय होने चाहिए?

 

जेटली ने एक लेख में कहा कि आम आदमी पार्टी के यही नेता दो साल पहले कह रहे थे कि कश्मीर में जनमत संग्रह होना चाहिए कि वहां के लोग यहां रहना चाहते हैं या फिर पाकिस्तान जाना चाहते हैं. जेटली ने कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा है. जेटली ने लिखा कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल ने पूरे देश को एक किया. जम्मू कश्मीर की समस्या उन्हें सुलझाने नहीं दी गई क्योंकि इस पर खुद उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू फैसला ले रहे थे. कश्मीर को धारा 370 के बतौर विशेष दर्जा देने का फैसला नेहरू जी की नीतियों का ही नतीजा है.

 

जेटली के मुताबिक आजकल जनमत संग्रह पर दुनिया में कहीं फैसले नहीं होते, संयुक्त राष्ट्र भी इस प्रकिया में नहीं पड़ता और भारत-पाकिस्तान की द्विपक्षीय बातचीत का भी ये हिस्सा नहीं है. ऐसे में आम आदमी पार्टी के नेता किस तरह की बातें कर रहे हैं.

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Web Title: प्रशांत के बयान से ‘आप’ ने झाड़ा पल्ला, की थी कश्मीर में जनमत संग्रह की वकालत
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