'प्लानिंग से गिराई गई बाबरी मस्जिद': जानें किसने क्या कहा

'प्लानिंग से गिराई गई बाबरी मस्जिद': जानें किसने क्या कहा

By: | Updated: 04 Apr 2014 08:57 AM

दिल्ली: खोजी पत्रकारिता के लिए जानी जाने वाली वेबसाइट कोबरापोस्ट ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान बाबरी मस्जिद के गिराए जाने की घटना को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है. कोबरा पोस्ट ने इस विवादित ढांचे को गिराने को लेकर एक स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसमें दावा किया है कि बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने की घटना अचानक नहीं घटी थी, बल्कि इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था.

 

इस स्टिंग के बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों सहित इस घटना के लिए ज़िम्मेदार माने जाने वाले लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. आइए जानते हैं कि किसने क्या कहा.

 

उमा भारती, बीजेपी नेता

 

"मुझे यह जरूर याद है कि बिहार चुनाव के समय में लालू यादव ने गोधरा पर बनर्जी कमिटी की रिपोर्ट टेबल की थी ताकि बिहार का चुनाव विभाजन के आधार पर हो जाए. ये (स्टिंग) वास्तव में इसी तरह का है. मैंने (स्टिंग) देखा नहीं लेकिन मैं पूरी तरह से इस षडयंत्र के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार मानती हूं."

 

आचार्य धर्मेंद्र, वीएचपी नेता

 

"लोगों की आदत होती है छाती पीटने की, फ़ितरत होती है उनकी, स्यापा (झमेला) करते रहते हैं, तो स्यापा कर रहे हैं. (बाबरी मस्जिद- राम जन्मभूमि मुद्दा) ज़िंदा रखना चाहते हैं बस!  जहां तक तुष्टीकरण का सवाल है और मुसलमानों को प्रसन्न करने का प्रश्न है तो कोई पार्टी ऐसी नहीं है जो मुसलमानों के अधिक से अधिक लॉलीपॉप नहीं दे रही हो."

 

वह आगे कहते हैं, "भगवान राम लला वहां पर (बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि) विराजमान हैं. दुनिया की कोई ताकत उनको वहां से हटा नहीं सकती.  जो लोग  भव्य मंदिर बनाने में रोड़ा अटका रहे हैं वो वैमनस्य फैलाए रखना चाहते हैं, अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकनी चाहते हैं."

 

योगी आदित्यनाथ, भारतीय जनता पार्टी सांसद

"ये मुद्दा समाप्त हो चुका है और इसपर 30 सितंबर 2010 को न्यायालय का फ़ैसला आ चुका है. समस्या के समाधान का प्रयास होना चाहिए, गड़े हुए मुर्दे उखाड़ने से समस्या का समाधान नहीं होने वाला है."

 

मुख़्तार अब्बास नक़वी, बीजेपी नेता

 

"हम लोगों ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है जिसमें कहा है कि कोबरापोस्ट नामक एक एनजीओ रामजन्म भूमि-बाबरी मस्ज़िद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रयोजित स्टिंग दिखाने की कोशिश कर रहा है.  जिसपर तुरंत रोक लगायी जानी चाहिए. स्टिंग पर रोक के अलावा बीजेपी की यह भी मांग है कि जांच हो कि ऐसी हरकतों के पीछे कौन है."

 

मीम अफ़जल, कांग्रेस प्रवक्ता

"इस तरह की बातें पहले भी सामने आ चुकी हैं. इस विवादित मुद्दे पर बहुत ख़ून बह चुका है और चुनाव के ठीक पहले आने की वजह से मैं इसे ध्रुवीकरण से जोड़ कर देखता हूं जो इस वक्त इस देश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बड़ी तेज़ी से फ़ैलाने की कोशिश कर रही है."

 

नवाब मलिक, एनसीपी नेता

"चुनाव आते ही बीजेपी इस मुद्दे को फ़िर से फ़ैला रही है. पुराने ज़ख्मों को फ़िर से हरा करने का काम बीजेपी संघ के इशारों पर कर रही है. ये सारी ख़बरें चुनाव को प्रभावित करने के लिए फ़ैलाई जा रही हैं जिसका चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए."

 

बाबा रामदेव, योग गुरू


"राम हमारे पूर्वज हैं और चुनावों की वजह से उनको राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए."


 

ज़फ़रयाब जलानी, बाबरी मस्ज़िद एक्शन कमिटी के नेता

" जो बात हम 1992 से कहते आ रहे हैं इस स्टिंग में उसी को कुछ सबूतों से प्रमाणित किया गया है इसमें कुछ नया नहीं है."

 

लालू यादव, आरजेडी नेता


"देश जानता है कि ये विध्वंस (बाबरी मंदिर-राम जन्मभूमि) किसने किया. गोधरा से नरेंद्र मोदी और उधर से शिवसेना ने मिलकर ये सब करवाया है. ये लोग देश को तोड़ना चाहते हैं पर मैं ऐसा नहीं होने दूंगा."

 

सोची समझी साजिश के तहत गिराई गई थी बाबरी मस्जिद: कोबरापोस्ट स्टिंग

कोबरापोस्ट ने ये दावा राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े 23 लोगों के स्टिंग के बाद किया है. स्टिंग में कहा गया है कि विवादित ढांचा अचानक नहीं गिराया गया, यह एक सोची समझी साजिश थी और इसे गिराने से पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की थी, संकल्प लिया और इसकी जानकारी सिर्फ बीजेपी नेताओं को ही नहीं बल्कि कारसेवकों को भी थी. इस ढांचे के गिराय जाने की जानकारी बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को पहले से ही थी.

 

कैसे रची गई साजिश?

इस स्टिंग में कहा गया है कि विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने बाबरी मस्जिद को ढ़हाने से पहले देश के अलग-अलग जगहों से 1200 संघ कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था. इन्हें 'लक्ष्मण सेना' का नाम दिया गया था. यह सेना कैसे काम करेगी इसकी पुरी जिम्मेदारी राम जी गुप्ता को सौंपी गई थी. 'कोबरा पोस्ट' के मुताबिक इसे अंजाम देने के लिए गुजरात के सरखेज में सेवकों को खास ट्रेनिंग दी गई थी. इन्हें एक महीने पहले तक यह नहीं बताया गया था कि उन्हें क्या करना है. आपको बता दें कि जून 1992 में बजरंग दल ने अपने 38 सदस्यों को एक महीने की खास ट्रेनिंग दी थी.

 

इस घटना से एक दिन पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेताओं ने हनुमान बाग में एक बैठक की थी. इस बैठक में अशोक सिंघल, विनय कटियार, विष्णु हरी डालमिया, मोरो पंत पिंगले और महंत अवैध्यनाथ ने हिस्सा लिया था. इसी बैठक में बाबरी मस्जिद को गिराने का फैसला किया गया था. इसे गिराने के लिए दो प्लान तैयार किए गए थे. प्लान-A के तहत इसे पारंपरिक औजारों से गिराना था लेकिन अगर इससे काम नहीं हो पाया तो तो प्लान-B के तहत पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया जाना था. इसे तोड़ने के मकसद से छैनी, फावडा और दूसरी तरह के औजारों को खासी तादाद मे जुटा लिया गया था.

 

इसमें यह भी कहा गया है कि उस समय वहां उपस्थित प्रशासन ने भीड़ को शांत करने के बजाय कार सेवकों को बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने के लिए उकसाया.

 

कोबरापोस्ट के एडिटर के. आशीष ने उन 23 लोगों का स्टिंग किया है जो इस विवादित ढ़ाचे को गिराने की साजिश में शामिल थे. चंपत राय बंसल, रामजी गुप्ता, प्रकाश शर्मा, रमेश प्रताप सिंह, विनय कटियार, जयभान सिंह पवेया, धर्मेंद्र सिंह गुज्जर, बीएल शर्मा प्रेम, बृजभूषण शरन सिंह, साध्वी उमा भारती, बजरंग दल के लालू सिंह और कल्याण सिंह, जय भगवान गोयल, पवन पांडेय, संतोष दूबे, शिवसेना के सतीश प्रधान औऱ मोरेश्वर सावे, स्वामी सचिदानंद साक्षी महाराज, महंत राम विलास वेदांती, साध्वी रितांभरा, महंत अवैद्यनाथ, आचार्य धर्मेंद्र और नृत्य गोपाल दास.

 

बीजेपी की मांग, स्टिंग पर लगे रोक

बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा चुनाव के ठीक पहले इस तरह के स्टिग आने से देश का सांप्रदायिक माहौल खराब होगा इसलिए इसे रोकना जरूरी है. चुनाव के लिए पहला वोट पड़ने में एक हफ्ते से भी कम का समय रह गया है. ऐसे में स्टिंग दिखाने के लिए कोबरा पोस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की और स्टिंग पर रोक लगाने की मांग की है.

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