फतेहपुर: फूलन देवी की बहन ने अन्य दलों को किया बेचैन

फतेहपुर: फूलन देवी की बहन ने अन्य दलों को किया बेचैन

By: | Updated: 09 Apr 2014 04:21 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी चर्चा में रहीं पूर्व दस्यु सुंदरी फूलन देवी की बहन रुक्मिणी देवी के फतेहपुर लोकसभा सीट पर प्रगतिशील मानव समाज पार्टी (प्रमासपा) की प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), समाजवादी पार्टी (एसपी) व बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में बेचैनी बढ़ गई है.

 

निषाद बिरादरी से ताल्लुक रखने वाली रुक्मिणी को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि वह स्वजातीय मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं. निषाद बिरादरी के जातिगत मतदाताओं को आधार मानकर ही बीजेपी ने यहां साध्वी निरंजन ज्योति को चुनाव मैदान में उतारा है.

 

माना जाता था कि साध्वी के निषाद बिरादरी से होने के नाते स्वजातीय मतदाताओं का थोक में मतदान बीजेपी के पक्ष में होगा, लेकिन बदले सियासी समीकरणों में रुक्मिणी के नामांकन कराने के बाद से बीजेपी प्रत्याशी सहित पार्टी के कद्दावरों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई पड़ने लगी हैं.

 

जहां इस लोकसभा चुनाव में निषाद मतदाताओं को बीजेपी की चुनावी गणित में आधार मानकर जोड़ा रहा है, वहीं एसपी ने इस बिरादरी का मतदान अपने पाले में कराने के लिए ही चुनाव के ऐन वक्त पर फतेहपुर जिलाध्यक्ष पद पर दलजीत निषाद की ताजपोशी करते हुए उन्हें रिझाने की योजना बनाई थी.

 

बीएसपी के लोग भी इस बिरादरी पर अपना हक जताने के प्रयास में जुटे थे, लेकिन अचानक फूलन देवी के नाम पर स्वजातीय के मत हासिल करने के लिए चुनाव मैदान में आईं रुक्मिणी के साथ नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में सजातीय बंधुओं और कभी फूलन के साथ रहने वाले लोगों की मौजूदगी ने तीनों ही पार्टियों को चौंका दिया है.

 

गौरतलब है कि लगभग डेढ़ दशक पूर्व सूबे के साथ-साथ फतेहपुर, खासकर यमुना-गंगा बेल्ट में फूलन देवी की खास दखल हुआ करती थी. सांसद होने के बाद फूलन ने कई कार्यक्रमों में भी यहां सहभागिता की थी. आज भी जनपद की सीमाओं में फूलन के समर्थक अच्छी खासी तादाद में माने जाते हैं.

 

प्रगतिशील मानव समाज पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव रुक्मिणी देवी के नामांकन दाखिल होने के बाद से संसदीय क्षेत्र की सियासत में नए सिरे से चर्चाएं शुरू हो गई हैं. गर्मागर्म बहस में कहा जाता है कि रुक्मिणी भी उसी जाति से ताल्लुक रखती हैं, जिस पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हुए बीजेपी ने फारवर्ड क्लास के पुरजोर दावों को खारिज करते हुए हमीरपुर की विधायक और पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति को चुनाव मैदान में उतारा.

 

कभी चंबल की रानी रही पूर्व दस्यु सुंदरी फूलन देवी की बहन की ओर मतदाताओं का रुझान बढ़ा तो दूसरे दलों, खासकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. फूलन के प्रति सहानुभूति के मंत्र के असर से बीएसपी भी शायद ही अछूती रह पाए. साफ है कि रुक्मिणी अगर सजातीय मतादाताओं को प्रभावित करने में कामयाब होती हैं तो यहां के चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल सकते हैं.

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