बस में सवार होकर सूरजकुंड पहुंचे सोनिया, राहुल

बस में सवार होकर सूरजकुंड पहुंचे सोनिया, राहुल

By: | Updated: 08 Nov 2012 10:35 PM


नई
दिल्‍ली:
राजधानी दिल्ली से
बस में सवार होकर कांग्रेस की
'संवाद' बैठक के लिए
मंत्रियों के साथ कांग्रेस
अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और
पार्टी महासचिव राहुल गांधी
सूरजकुंड पहुंचे.





देश के राजनीतिक और आर्थिक
हालात पर चर्चा के लिए आज
सुबह 10 बजे से बैठक शुरू हो गई
है. यह बैठक दिल्ली से सटे
फरीदाबाद के सूरजकुंड स्थित
राजहंस होटल में चल रही है.




बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी
चिदंबरम समेत कैबिनेट
मंत्री और स्वतंत्र प्रभार
के मंत्री हिस्सा ले रहे हैं.




संवाद बैठक में कांग्रेस
महासचिव राहुल गांधी के
अलावा पार्टी के सभी महासचिव
और बड़े नेता भी हिस्‍सा लेने
पहुंचे हैं.





बैठक से पहले सोनिया गांधी और
राहुल गांधी पार्टी के बाकी
नेताओं के साथ दिल्‍ली से 'आम
आदमी की सवारी' बस में
सूरजकुंड के लिए रवाना हुए.




आम आदमी से जुड़ने और पार्टी
की एकता दिखाने के लिए
कांग्रेस ने बस से सफर करना
मंजूर किया. हालांकि एसपीजी
ने सुरक्षा कारणों का हवाला
देकर सोनिया और राहुल के इस
तरह बस से जाने के फैसले पर
ऐतराज जताया था.





बैठक में पार्टी और सरकार के
बीच बेहतर तालमेल बनाने के
साथ 2014 के चुनाव को लेकर भी
चर्चा होगी. खबर है कि कुछ
नेता गैस सिलेंडर का मुद्दा
भी उठाएंगे.





एबीपी न्यूज को सूत्रों से
मिली जानकारी के मुताबिक कुछ
नेता राहुल गांधी को  बड़ी
जिम्मेदारी देने की मांग भी
करेंगे.




क्‍या राहुल को मिलेगी बड़ी
जिम्‍मेदारी?






सवाल ये है कि क्या राहुल को
आज बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी
?ऐसे में सवाल ये है कि क्‍या
आज राहुल को पार्टी में बड़ी
जिम्मेदारी मिलेगी?

कैबिनेट
में फेरबदल के बाद कांग्रेस
के तमाम नेता संगठन में
फेरबदल का इंतजार कर रहे हैं.
लेकिन हर कांग्रेस
कार्यकर्ता और नेता के सामने
एक बड़ा सवाल है कि कांग्रेस
महासचिव राहुल गांधी को
पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी
कब मिलेगी. और अगर राहुल को
बड़ी जिम्मेदारी दी गई तो
उन्हें पद क्या दिया जाएगा.

राहुल
को संगठन में बड़ा पद न मिलने
से कांग्रेस के कार्यकर्ता
मायूस होने लगे हैं. राहुल
बड़ी जिम्मेदारी नहीं लेना
चाहते या कांग्रेस किसी
प्रयोग से पीछे हट रही है
कहना मुश्किल है. लेकिन आसार
यही हैं कि गुजरात चुनाव तक
पार्टी और राहुल गांधी शायद
इस कोशिश से बचेंगे.

इसके
पीछे कांग्रेस के एक धड़े का
मानना है कि राहुल को ऊंचे पद
पर बिठाया गया तो आने वाले
दिनों में गुजरात चुनावों को
उस कदम की कसौटी पर परखा जा
सकता है और यूपी में हार के
बाद गुजरात की बाजी में कोई
भी पार्टी के इस तुरुप के
इक्के पर चांस नहीं लेना
चाहता.

वैसे कांग्रेस ने
इस बात के संकेत देने में कोई
कसर नहीं छोड़ी है कि राहुल
ही पार्टी में नंबर टू हैं.

हालांकि
हाल में हुए कैबिनेट फेरबदल
में राहुल की छाप साफ दिखी थी.
कांग्रेस की सभी बड़ी
रैलियों में राहुल का नाम
पीएम और कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी के साथ लिया
गया.

राहुल ने भी विपक्ष
पर हमला बोलने में कोई कसर
नहीं छोड़ी. साफ है कि ओहदे की
औपचारिकता निभाये बगैर ही
राहुल ने जिम्मेदारी का चोला
ओढ़ लिया है.

वैसे, राहुल
को मिलने वाली ये बड़ी
जिम्मेदारी क्या होगी ये साफ
नहीं है. राहुल को मिलने वाले
पद को लेकर अलग-अलग चर्चाएं
हैं. एक चर्चा ये है कि राहुल
को कार्यकारी अध्यक्ष का पद
दिया जा सकता है.




http://www.youtube.com/watch?v=HWRjF7HPCRc




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