बिहार: आज विश्वास मत की कार्यवाही में भाग लेंगे सभी बीजेपी विधायक

बिहार: आज विश्वास मत की कार्यवाही में भाग लेंगे सभी बीजेपी विधायक

By: | Updated: 23 May 2014 04:15 AM

पटना: बीजेपी ने जदयू सरकार के नीति, सिद्धान्त और नैतिकता की पोल पूरी तरह से खुल जाने का दावा करते हुए आज कहा कि वह बिहार विधानसभा में जीतन राम मांझी नीत जदयू सरकार के कल विश्वास मत हासिल करने की कार्यवाही में भाग लेगी.

 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बीजेपी के सभी 88 विधायक कल की विश्वासमत कार्यवाही में भाग लेंगे, लेकिन विश्वास मत को लेकर अपना निर्णय उचित समय पर लेंगे.

 

लोकसभा चुनाव में जदयू की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद जीतन राम मांझी को जदयू विधायक दल का नया नेता चुने जाने के बाद मांझी सरकार कल बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी.

 

बिहार में आज बहुमत साबित करेगी जेडीयू की सरकार 

 

वर्तमान में 237 सदस्यीय बिहार विधानसभा में सदन के अध्यक्ष सहित जदयू के 117 विधायक, बीजेपी के 88, आरजेडी के 21, कांग्रेस के चार, भाकपा के एक और छह निर्दलीय विधायक हैं.

 

कांग्रेस के चार, भाकपा के एक और दो निर्दलीय विधायकों ने जदयू सरकार को समर्थन देने का पत्र पूर्व में ही राज्यपाल को सौंप दिया था और आज आरजेडी ने उसे बाहर से बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी है.

 

सुशील ने कहा कि नीतीश कुमार का मकसद हर हाल में सत्ता बचाना है, जिस आरजेडी के जंगल राज के खिलाफ बीजेपी के साथ मिलकर 2005 और 2010 में चुनाव लडकर जनादेश हासिल किया. कुर्सी बचाने के लिये अब उसी से वह हाथ मिला रहे हैं.

 

बिहार के नए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के सामने हैं ये चुनौतियां 

 

सुशील ने आरोप लगाया कि दरअसल जदयू, आरजेडी और कांग्रेस का गठजोड तो लोकसभा चुनाव के दौरान ही हो गया था. किशनगंज से जदयू प्रत्याशी का संप्रग प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव मैदान से हटना इसी का नतीजा है. इन तीनों का मकसद केवल बीजेपी को रोकना था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी जदयू को जब लगा कि वह चुनाव हार रही है तो उसने अपना आधार वोट आरजेडी.कांग्रेस उम्मीदवारों को जीताने की ओर शिफ्ट करने की कोशिश की. शिवहर, मधुबनी, वाल्मीकिनगर, सीवान, छपरा जैसे क्षेत्रों में बीजेपी उम्मीदवारों को रोकने के लिये जदयू ने इसी तरह का प्रयास किया.

 

सुशील ने आरोप लगाया कि आरजेडी का समर्थन लेकर नीतीश कुमार ने जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात किया है. पिछले दोनों चुनावों में आरजेडी के खिलाफ जदयू.बीजेपी गठबंधन को जनादेश मिला था. बिहार की जनता ने दोबारा जदयू.बीजेपी गठबंधन को तीन.चौथाई बहुमत इसलिये दिया था कि कहीं फिर से बिहार में लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी वापस नहीं आ जाये. लालू.राबडी के 15 वषरे के शासनकाल को बिहार की जनता भूली नहीं है.

 

बस एक फोन ने बदल दी बिहार के मुख्यमंत्री की दुनिया 

 

उन्होंने कहा कि बिहार के लोग कभी नहीं चाहेंगे कि जंगल राज फिर से कायम हो. नीतीश कुमार भले ही लालू प्रसाद से हाथ मिलाकर अभी अपनी सत्ता बचा लें पर बिहार की जनता इस विश्वासघात के लिये उन्हें कभी माफ नहीं करेगी.

 

सुशील ने आरोप लगाया कि केवल कुर्सी मोह में नीतीश कुमार ने यह नापाक गठजोड किया है. आगामी विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को जनता इसका जवाब देगी.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story UAE के अखबार खलीज टाइम्स का दावा, ‘बाथटब में बेसुध गिरी पड़ी हुई थीं श्रीदेवी’