बिहार में नीतीश को महंगा पड़ेगा NDA से नाता तोड़ना: सर्वे

By: | Last Updated: Friday, 6 September 2013 7:55 AM

ABP न्यूज
और नील्सन सर्वे ने देश की
नब्ज पर हाथ रखकर ये जानने की
कोशिश की है कि आखिर देश का
मूड क्या है?

देश की राजनीति में बिहार
हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है.
सर्वे में हमने भी बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की
लोकप्रियता और जेडीयू की
सरकार के कामकाज के बारे में
लोगों की राय ली.

ABP न्यूज और नील्सन सर्वे में
हमने मतदाताओं से पूछा कि
बिहार की जेडीयू सरकार के
कामकाज के आधार पर वो
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के
प्रदर्शन को क्या कहेंगे?

इसपर बिहार के 16 प्रतिशत
मतदाताओं ने नीतीश सरकार के
कामकाज को बहुत अच्छा कहा, 43
प्रतिशत मतदाताओं ने बिहार
सरकार के कामकाज को अच्छा
कहा, 31 प्रतिशत मतदाताओं ने
समाजवादी सरकार के प्रदर्शन
को औसत बताया जबकि 6 प्रतिशत
मतदाताओं ने अखिलेश के
प्रदर्शन को खराब और 4
प्रतिशत ने बहुत खराब बताया.

खास बात ये कि बिहार में
ज्यादातर मतदाताओं (59
प्रतिशत) ने बतौर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के
कामकाज को ‘अच्छा’और ‘बहुत
अच्छा’बताया है. ABP न्यूज और
नील्सन सर्वे में शामिल
बिहार के कुल मतदाताओं ने
नीतीश कुमार की जेडीयू सरकार
की रेटिंग करते हुए उसे बेहतर
3.6 अंक दिए हैं.

सर्वे में करीब आधे मतदाताओं
ने एनडीए से नाता तोड़ने के
नीतीश कुमार के फैसले को गलत
ठहराया. सरकार के कामकाज की
सराहना के बावजूद बिहार के 47
प्रतिशत मतदाताओं का मानना
है कि 2015 के विधानसभा चुनाव
में जेडीयू फिर से बिहार में
सरकार बनाने में नाकामयाब
रहेगी.

ABP न्यूज और नील्सन सर्वे में
हमने बिहार के मतदाताओं से
पूछा कि 2014 के आम चुनाव में
बीजेपी की तरफ से चुनाव समिति
के मुखिया के तौर पर नरेंद्र
मोदी का नाम सामने आने पर
एनडीए से नाता तोड़ने का
नीतीश कुमार का फैसला सही था
या गलत? इस पर बिहार के 47
प्रतिशत मतदाताओँ ने कहा कि
हां नीतिश का फैसला सही था,
जबकि राज्य के आधे मतदाताओं
यानि 50 प्रतिशत ने इसे गलत
ठहराते हुए एक राजनीतिक भूल
करार दिया. बिहार की राजधानी
पटना में भी आधे मतदाता नीतिश
के इस फैसले के साथ और आधे
इसके खिलाफ नजर आए.

सर्वे में बिहार के मतदाताओं
से हमने पूछा कि क्या जनता दल
यूनाइटेड 2015 के विधानसभा
चुनाव में एक बार फिर सरकार
बनाने में कामयाब रहेगी? इसपर
बिहार के 49 प्रतिशत मतदाताओं
ने कहा कि 2015 के चुनाव में
बिहार की सत्ता में जेडीयू की
वापसी नहीं होगी. जबकि 42
प्रतिशत मतदाताओं ने यकीन
जताया कि नीतिश एकबार फिर 2015
का चुनाव जीतकर बिहार में
जेडीयू की सरकार बनाने में
कामयाब रहेंगे.

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Web Title: बिहार में नीतीश को महंगा पड़ेगा NDA से नाता तोड़ना: सर्वे
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