बीमार आडवाणी गोवा की बैठक में नहीं लेंगे हिस्सा

बीमार आडवाणी गोवा की बैठक में नहीं लेंगे हिस्सा

By: | Updated: 08 Jun 2013 07:25 AM


पणजी: भारतीय
जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता
लालकृष्ण आडवाणी, खराब सेहत
के कारण गोवा में चल रही
पार्टी की राष्ट्रीय
कार्यकारिणी की पूरी बैठक
में हिस्सा नहीं लेंगे. यह
जानकारी पार्टी के एक
प्रवक्ता ने शनिवार को दी.

भाजपा
प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर
ने इस सम्भावना को भी खारिज
कर दिया कि बैठक में आडवाणी
की अनुपस्थिति का कारण
पार्टी में पैदा हुआ मतभेद
है, जो पार्टी के एक वर्ग
द्वारा यह मांग किए जाने के
कारण पैदा हुआ है कि मोदी को 2014
के आम चुनाव के लिए पार्टी का
प्रचार प्रमुख बनाया जाए.

जावड़ेकर
ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन
का यह पहला मौका है, जब आडवाणी
पार्टी की एक महत्वपूर्ण
बैठक से अनुपस्थित हैं.
उन्होंने हालांकि कहा कि
आडवाणी (85) और पार्टी के अन्य
वरिष्ठ नेताओं की
अनुपस्थिति कोई असामान्य
बात नहीं है.

जावड़ेकर ने
कहा, "आडवाणीजी की सेहत वाकई
में खराब है. वह चिकित्सकों
की सलाह पर यहां नहीं आ रहे
हैं." उन्होंने कहा कि पार्टी
अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने
आडवाणी से फोन पर बात की और
उनका हाल-चाल लिया.

जावड़ेकर
ने कहा, "उन्होंने यहां जमा
हुए सभी कार्यकर्ताओं के लिए
शुभकामनाएं दी है."

सात
जून से शुरू हुई पार्टी की
तीन दिवसीय बैठक में आडवाणी
की अनुपस्थिति का मामला ऐसे
समय में सामने आया है, जब ऐसी
खबरें आई हैं कि आडवाणी 2014 के
आम चुनाव के लिए नरेंद्र मोदी
को पार्टी की प्रचार समिति का
प्रमुख बनाए जाने के निर्णय
को लेकर खिन्न हैं.

उल्लेखनीय
है कि आडवाणी ने अटल बिहारी
वाजपेयी के साथ मिलकर 1980 में
भारतीय जनता पार्टी के गठन का
नेतृत्व किया था, जो इसके
पहले भारतीय जनसंघ के रूप में
थी.

सूत्रों के अनुसार,
आडवाणी को गोवा ले जाने के
लिए एक विशेष विमान तैयार था,
लेकिन वह नहीं आए. आडवाणी के
परिवार ने पार्टी को सूचित
किया कि उनका स्वास्थ्य
यात्रा की इजाजत नहीं देता.
खबर है कि उनके पेट में कोई
दिक्कत है.

जसवंत सिंह,
शत्रुघ्न सिन्हा और उमा
भारती जैसे पार्टी के अन्य
नेता भी स्वास्थ्य कारणों से
पार्टी की गोवा बैठक से दूर
हैं.

मोदी, पार्टी के
प्रधानमंत्री पद के
उम्मीदवार के एक प्रबल
दावेदार के रूप में उभरे हैं,
और उन्हें 2014 के आम चुनाव के
लिए पार्टी की प्रचार समिति
का प्रमुख औपचारिक रूप से
घोषित किया जा सकता है, जिसका
आडवाणी और कुछ अन्य नेता
विरोध कर रहे हैं.

आडवाणी
ने दो प्रचार समिति गठित करने
का सुझाव दिया था. एक समिति
पांच राज्यों में इस वर्ष के
अंत में होने वाले विधानसभा
चुनावों के लिए और दूसरी
समिति 2014 के आम चुनाव के लिए.

आम
चुनाव में पार्टी के प्रचार
अभियान का नेतृत्व कौन करेगा,
इसपर कोई अंतिम निर्णय
रविवार को घोषित किया जा सकता
है.

यह पूछे जाने पर कि
क्या आडवाणी की सहमति से
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की
बैठक के दौरान कोई प्रमुख
निर्णय लिया गया, "भाजपा की यह
परम्परा है कि सभी निर्णय हर
किसी से परामर्श करने के बाद
ही लिए जाते हैं."




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