भाजपामय हुआ दिल्ली मेट्रो, कांग्रेस को अभी उठाना है कदम

By: | Last Updated: Tuesday, 1 April 2014 7:35 AM

नई दिल्ली: पहली बार, दिल्ली मेट्रो राजनीतिक दलों के लिए विज्ञापनों का अखाड़ा बनी है और भाजपा, कांग्रेस सहित अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए मेट्रो ट्रेनों के डिब्बों में अब तक 3,400 पोस्टर लगा चुकी है.

 

भाजपा जहां प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले पोस्टर पहले ही लगा चुकी है, वहीं कांग्रेस को इस नए विज्ञापन युद्धक्षेत्र में अभी कदम उठाने बाकी हैं. दिल्ली मेट्रो के अनुसार करीब 2.4 मिलियन लोग हर रोज मेट्रो से सफर करते हैं.

 

कार्यकारिणी सदस्य और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता संजय कौल ने कहा, ‘‘सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए मेट्रो एक उचित जगह है. लोग मेट्रो में चलते हैं और करीब 20 से 45 मिनट गुजारते हैं. वे इन विज्ञापनों पर लिखी चीजों पर ध्यान दे सकते हैं. सड़कों पर विशाल होर्डिंग लगाने की बजाय यह ज्यादा अच्छा है.’’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने मेट्रो यात्रियों को प्रचार अभियान के भाव से सराबोर करने का फैसला किया. यात्री चाहे कैसे भी बैठे हों, पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के ये 3,400 पोस्टर उनकी नजरों में पड़ेंगे ही पड़ेंगे.

 

ईजी कम्युनिकेशंस, जिसे दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने विज्ञापन से संबंधित काम आउटसोर्स कर रखा है, का कहना है कि कंपनी ने विज्ञापनों के लिए सभी बड़े दलों से संपर्क किया था. कंपनी के निदेशक मनीष सेठी ने कहा, ‘‘हमने राजधानी में सभी बड़े राजनीतिक दलों से संपर्क किया था, भाजपा ने इस अवसर का सबसे पहले लाभ उठाया. प्रक्रिया में कोई पक्षपात नहीं है. कांग्रेस के पोस्टर अभी आने हैं. ’’ सेठी ने कहा, ‘‘आज तक 2 से 6 तक की लाइनों पर 30 मेट्रो ट्रेनों में भाजपा के 3,400 से अधिक पोस्टर लगाए जा चुके हैं. मेट्रो लाइन 2 पर 10 ट्रेन, लाइन 3 और लाइन 4 पर पांच-पांच, जबकि लाइन 5 पर चार और लाइन 6 पर छह ट्रेन हैं.’’ उनका कहना है कि उन्होंने तर्क दिया कि यदि दिल्ली में हर जगह विज्ञापनों की अनुमति है तो इससे केवल मेट्रो को ही क्यों बाहर रखा जाए.

 

सेठी ने बताया कि 10 अप्रैल तक प्रति ट्रेन यथानुपात करीब दो लाख रूपये का कुल खर्च बैठता है.

 

कौल ने कहा, ‘‘हमारे सभी विज्ञापनों में मोदी हैं. विज्ञापन पार्टी के हित में हैं और व्यक्तिगत तौर पर किसी नेता को लाभ नहीं पहुंचाते. इसलिए विज्ञापनों का खर्च भाजपा केंद्रीय कमान द्वारा वहन किया जा रहा है.’’ यह पहली बार है जब मेट्रो ट्रेनों में राजनीतिक विज्ञापनों के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन यात्रियों का मानना है कि ये विज्ञापन कम से कम उत्पादों के विज्ञापनों से तो अच्छे हैं.

 

मेट्रो से चलने वाले एक युवक ने कहा, ‘‘यह चुनावी मौसम है और लोग हर जगह राजनीतिक दलों के विज्ञापन देखते हैं. मेट्रो से हर रोज लाखों लोग चलते हैं और ये विज्ञापन कम से कम शैम्पू तथा सॉफ्टड्रिंक के विज्ञापनों से तो अच्छे हैं.’’

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Web Title: भाजपामय हुआ दिल्ली मेट्रो, कांग्रेस को अभी उठाना है कदम
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