भ्रष्टाचारी बताने पर भड़के सिब्बल: केजरीवाल आरोप साबित करें या इस्तीफा दें

By: | Last Updated: Saturday, 1 February 2014 12:23 PM

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल द्वारा भ्रष्ट नेताओं की सूची में उनका नाम डाले जाने के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने आज पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को दो दिन के भीतर उनपर लगाए गए आरोपों को साबित करना चाहिए या पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उधर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचारियों की लिस्ट में बढ़ोतरी करते हुए उसमें वंशवाद के लिए सोनिया गांधी और नफरत फैलाने के लिए नरेंद्र मोदी के नाम भी जोड़ दिए.

 

सिब्बल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं आश्चर्यचकित हूं कि मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए हैं. उनकी मंशा दुर्भावनापूर्ण लगती है अन्यथा वह इस तरह का निराधार आरोप नहीं लगाते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आश्चर्यचकित हूं कि उन्होंने मुझे भ्रष्ट बताया है. मैं उन्हें मेरे भ्रष्टाचार के बारे में सबूत देने के लिए दो दिन का वक्त देता हूं अन्यथा उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.’’ विधि मंत्री ने कहा कि अगर केजरीवाल ने उनके खिलाफ आरोपों को साबित कर दिया तो वह केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे और राजनीति भी छोड़ देंगे.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले ही उन्हें चेतावनी दी है और मैं आज भी यह कहता हूं. किसी ने भी अब तक मेरे सार्वजनिक जीवन के बारे में मेरे खिलाफ आरोप नहीं लगाए हैं. मेरे खिलाफ कोई शिकायत नहीं है. मेरे खिलाफ कोई प्राथमिकी नहीं है. अगर वह साबित करने में सक्षम हैं कि मुझे किसी भ्रष्टाचार के मामले में किसी अदालत ने दोषी ठहराया है तो मैं न सिर्फ मंत्री के पद से इस्तीफा दे दूंगा बल्कि सक्रिय राजनीति भी छोड़ दूंगा.’’

 

केजरीवाल ने कल ‘भ्रष्ट’ नेताओं की एक सूची गिनाई थी जिसके खिलाफ आप ने अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. उस सूची में राहुल गांधी, संप्रग के कई मंत्री, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, बसपा प्रमुख मायावती, केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी शामिल हैं.

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर वंशवादी राजनीति को आगे बढ़ाने और प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर राजनीति के अपराधीकरण का आरोप लगाया गया है. इन दोनों के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं.

 

कुछ महीने पहले आप ने आरोप लगाया था कि वोडाफोन से संबंधित मामले में सिब्बल का ‘हितों का टकराव’ है क्योंकि उनके वकील पुत्र अमित हचिंसन का अब भी बचाव कर रहे हैं. हचिंसन की ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी से भागीदारी है.

 

अमित ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि आखिरी बार वह कंपनी की तरफ से साल 2010 में पेश हुए थे जब सिब्बल न तो दूरसंचार मंत्री थे और न ही विधि मंत्री.

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Web Title: भ्रष्टाचारी बताने पर भड़के सिब्बल: केजरीवाल आरोप साबित करें या इस्तीफा दें
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