मनरेगा के कामकाज पर पीएम ने जारी कि किताब

मनरेगा के कामकाज पर पीएम ने जारी कि किताब

By: | Updated: 14 Jul 2012 06:11 AM


नई
दिल्‍ली:
प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने आज महात्मा
गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण
रोजगार गारंटी योजना यानी
मनरेगा के कामकाज की समीक्षा
करने वाली एक किताब जारी की.

ग्रामीण
विकास मंत्रालय की तरफ से
तैयार इस किताब में पिछले छह
साल के दौरान मनरेगा की
उपलब्धियों और खामियों पर
प्रकाशित रिसर्च स्टडीज को
शामिल किया गया है. किताब को
जारी करते हुए प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने कहा कि मनरेगा
केंद्र सरकार की सबसे
लोकप्रिय और कामयाब स्कीम
रही है.

'मनरेगा समीक्षा-
एन एंथोलॉजी ऑफ रिसर्च
स्टडीज़ ऑन मनरेगा 2005' नाम से
प्रकाशित इस किताब में कई
शोध-पत्र शामिल किए गए हैं,
जिनमें मनरेगा की अहम
उपलब्धियों का जिक्र किया
गया है जो कुछ इस तरह है:

पिछले
छह साल में मनरेगा के तहत 1 लाख
10 हज़ार करोड़ रुपये की
मजदूरी दी गई है.

2008 से अब
तक मनरेगा के तहत हर साल औसतन
पांच करोड़ परिवारों को
रोजगार दिया गया है.

मनरेगा
के तहत अब तक 12 करोड़ जॉब
कार्ड जारी किए जा चुके हैं.

योजना
के शुरू होने के बाद से अब तक
देश के अलग-अलग इलाकों में
मजदूरी की औसत दरों में 81
फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा
चुकी है.

किताब में मनरेगा
पर अमल के दौरान सामने आई कुछ
खामियों को भी उजागर किया गया
है, इनमें मजदूरी के भुगतान
में होने वाली देरी सबसे अहम
है.

खुद प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने भी किताब को
जारी करते समय इस समस्या को
जल्द से जल्द दूर किए जाने पर
जोर दिया.

एक तरफ सरकार
मनरेगा स्कीम को लेकर अपनी
पीठ थपथपा रही है तो दूसरी
तरफ इसमें धांधली के खिलाफ
लोगों का गुस्सा फूट रहा है.
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले
में मनरेगा में घोटाले को
लेकर रेवेन्यू डिपार्टमेंट
के असिस्टेंट कमिश्नर के
दफ्तर में तोड़फोड़ की गई.

आरोप
है कि डोडा जिले के करीब आधा
दर्जन पंचों ने मनरेगा में
घोटाले का आरोप लगाते हुए
यहां जमकर हंगामा मचाया और
तोड़फोड़ भी की. बताया जा रहा
है कि ये हंगामा मनरेगा के
तहत कुछ सरकारी कर्मचारियों
को काम दिए जाने से भड़के
लोगों ने किया.

इस सिलसिले
में प्रशासन की तरफ से अब तक
कोई बयान सामने नहीं आया है.




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