मनरेगा घोटाला के मामले में सरपंच, सचिव को सात-सात साल की कैद

By: | Last Updated: Thursday, 10 April 2014 7:26 AM

छतरपुर (मध्य प्रदेश): मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बिजावर अपर सत्र न्यायाधीश जे पी सिंह की अदालत ने शासकीय राशि का गबन करने के मामले में एक सरपंच और एक सचिव को दोषी करार देते हुए दोनों को सात-सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है.

 

न्यायाधीश ने कल दिए गए अपने फैसले में सरपंच हरसेवक पटेल निवासी हीरापुर और सचिव हरप्रसाद पटेल निवासी बुधगुवां दोनों को सात-सात साल की कठोर कैद की सजा के साथ उन पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

 

अधिवक्ता लखन राजपूत ने बताया कि जनपद पंचायत बिजावर के ग्राम पंचायत जखरौन कला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्माण कार्य के लिए शासन ने 63 लाख 64 हजार 635 रुपए की राशि साल 2009 में दी थी.

 

निर्माण कार्य में सरपंच एवं सचिव के द्वारा की गई गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई. जनपद पंचायत बिजावर के उपयंत्री ने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत जखरौन कला के सरपंच और सचिव ने निर्माण कार्यो में शासन के 12 लाख 85 हजार 41 रुपए की राशि का हेरफेर किया है.

 

थाना सटई में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और पुलिस निरीक्षक (एसआई) के. डी. सिंह ने विवेचना करने के बाद मामला अदालत को सौंप दिया था.

 

अपर सत्र न्यायाधीश जी पी सिंह की अदालत ने कल मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी सरपंच और सचिव को शासकीय राशि के गबन करने के आरोप में दोषी करार देते हुए उन्हें 7-7 साल की कठोर कैद के साथ 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा दी.

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Web Title: मनरेगा घोटाला के मामले में सरपंच, सचिव को सात-सात साल की कैद
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