मलेशियाई विमान: क्या नहीं बदली गई थी ब्लैक बॉक्स की बैटरी?

By: | Last Updated: Monday, 7 April 2014 2:42 AM

वॉशिंगटन: मलेशिया एयरलाइन्स के लापता विमान के दो ब्लैकबॉक्सों के एकॉस्टिक पिंगर्स की साल 2012 में पूरी जांच और मरम्मत की जानी थी और बैटरी बदली जानी थी लेकिन एक मीडिया खबर के अनुसार, इस काम के लिए एकॉस्टिक पिंगर्स निर्माताओं के पास नहीं भेजे गए.

 

फ्लोरिडा स्थित पिंगर निर्माता डुकाने सीकॉम ऑफ सेरासोटा के अध्यक्ष अनीश पटेल ने बताया कि यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने उनकी कंपनी को बताया कि उसने बोइंग 777-200 के ब्लैक बॉक्सों के पिंगरों का निर्माण किया था. ब्लैक बॉक्स को औपचारिक तौर पर फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर कहा जाता है.

 

भारतीय मूल के शीर्ष कार्यपालक अधिकारी पटेल ने बताया कि ये डिवाईस साल 2005 के आखिर में और 2006 के आखिर में तैयार किए गए थे और उनकी मरम्मत और बैटरी बदल कर नयी बैटरी 2012 में लगाई जानी थी. उन्होंने सीएनएन को बताया ‘‘लेकिन हमारे पास इन यूनिटों का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि कभी इन्हें बैटरी बदलने के लिए वापस लाया गया था.’’

 

पटेल ने कहा ‘‘इससे तीन संभावनाएं समाने आती हैं. एयरलाइन ने खुद ही पुराने पिंगर बदल कर नए पिंगर लगा दिए हों, या उसके पास आवश्यक प्रबंधन (मेन्टेनेन्स) के लिए कोई और कंपनी हो या फिर उसने वह समय गुजर जाने दिया हो. अगर ऐसा हुआ हो तो पिंगरों की बैटरी की लाईफ कम हो गई होगी.’’

 

उन्होंने कहा कि अगर पिंगरों में पुरानी बैटरियां ही थीं तो बैटरी 30 दिन के बजाय 20 या 25 दिन ही चली होंगी.

 

क्या होता है ब्लैक बॉक्स?

 

सबसे पहले ब्लक बॉक्स ब्लैक यानि काला नहीं नारंगी यानि संतरे के रंग का होता है. विमान हादसे की वजहों का पता लगाने में दो उपकरण सबसे जरूरी होते हैं- एयरक्राफ्ट का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (सीवीआर). इन्हीं दो उपकरणों को मिलाकर ‘ब्लैक बॉक्स’ कहा जाता है.

1. ब्लैक बॉक्स में डाटा को कलेक्ट किया जाता हैं. ये विमान के पिछले हिस्से में फिट रहता है. क्योंकि विमान का यह हिस्सा क्रैस होने के बाद भी सबसे कम प्रभावित होता है.

2. ये दोनों उपरण क्रैश-प्रूफ मेमरी यूनिट्स होते हैं. क्रैश के बाद यही उपकरण सुरक्षित रह पाते हैं. दोनों डिवाइसों को इस तरह बनाया जाता है कि ये आग, क्रैश और कई टन मलबे के दबाव के बावजूद नष्ट नहीं होते.

3. दोनों रिकॉर्डरों को चार अगल-अगल धातुओं से बनाया जाता है ताकि यह सुरक्षित रह सके. ये चार धातू एल्यूमिनियम, रेत, स्टेनलेस स्टील, टाइटेनियम हैं.

4. ब्लैक बॉक्स कॉकपिट के अंदर होने वाली सभी बातचीत, रेडियो संपर्क, उड़ान का विवरण जैसे- उसकी स्पीड, इंजन की स्थिति, हवा की गति, ऊंचाई, राडार की स्थिति वगैरह रिकॉर्ड करता है.

5. विमान का ब्लैक बॉक्स मिलने के साथ ही जांचकर्ता उसे लैब में ले जाते हैं जहां वे इनमें रिकॉर्ड किए गए सभी डाटा को डाउनलोड करते हैं और फिर घटनाओं की कड़ी जोड़ने की कोशिश करते हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: मलेशियाई विमान: क्या नहीं बदली गई थी ब्लैक बॉक्स की बैटरी?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ????? ????? ???????? ?????
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017