महाराष्ट्र कैबिनेट ने स्वीकार की आदर्श घोटाले पर जांच रिपोर्ट, अशोक चव्हाण के अलावा किसी और नेता पर नहीं आएगी जांच की आंच

By: | Last Updated: Thursday, 2 January 2014 4:07 PM

मुंबई. राहुल गांधी की असहमति के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आज आदर्श घोटाले की न्यायिक रिपोर्ट को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया तथा आरोपित नौकरशाहों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की. लेकिन सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को छोड़कर राजनीतिक नेताओं को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिकता सामने नहीं आयी है.

 

आदर्श घोटाले में सीबीआई ने महाराष्ट्र के 12 आला अधिकारियों को जेल की हवा खिला दी. लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने उन पांच बड़े नेताओं को क्लीनचिट देने में देर नहीं लगाई. जिन पर आदर्श घोटाले की न्यायिक जांच रिपोर्ट में उंगली उठाई गई है.

 

तो क्या…महाराष्ट्र सरकार आदर्श घोटाले में फंसे नेताओं को बचा रही है?

 

आपको बता दें कि आदर्श घोटाले की जांच रिपोर्ट में किन नेताओं पर उंगलियां उठाई गई थीं.

अशोक चव्हाण

सुशील कुमार शिंदे

शिवाजी राव निलंगेकर

विलास राव देशमुख

सुनील तटकरे

 

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को खारिज करने के निर्णय की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा, ‘‘राजनीतिक संरक्षण के मामले में आयोग ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि वे आपराधिक कृत्य में संलिप्त थे. आदर्श आयोग की रिपोर्ट में उल्लेखित राजनीतिक संरक्षण के मामले में हमने पाया कि कोई आपराधिकता शामिल नहीं है.’’ महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने अपने 20 दिसंबर के निर्णय की समीक्षा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान के बाद की है. राहुल ने अपने इस बयान में आयोग की रिपोर्ट खारिज करने के राज्य सरकार के निर्णय से अपनी असहमति जतायी थी. दो सदस्यीय आयोग ने चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित अधिकारियों एवं राजनीतिक नेताओं को संवैधानिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन करने के लिए आरोपित किया था.

 

राज्य मंत्रिमंडल ने 20 दिसंबर को यह रिपोर्ट विधानसभा में रखे जाने से पहले इसकी सिफारिशों को यह कहकर खारिज कर दिया था कि वह यह निर्णय जनहित में कर रही है.

 

राहुल गांधी ने एक हफ्ते पहले चव्हाण की मौजूदगी वाले संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली में कहा था, ‘‘निजी तौर पर मैं उस निर्णय से सहमत नहीं हूं. उन्हें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए.’’ बाद में चव्हाण ने कहा कि वह कोई फैसला करने से पहले अपनी कैबिनेट के साथ विचार विमर्श करेंगे. चव्हाण ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन लोगों के खिलाफ अलग से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जायेगी जिनका नाम सीबीआई के आरोपपत्र या सीबीआई की प्राथमिकी में है.

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि आदर्श सोसाइटी को चार पूर्व मुख्यमंत्रियों …अशोक चव्हाण, दिवंगत विलासराव देशमुख, सुशील कुमार शिंदे एवं शिवाजीराव एन पाटिल तथा पूर्व शहरी विकास मंत्रियों सुनील तटकरे एवं राजेश टोपे का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था.

 

यह पूछे जाने पर कि अशोक चव्हाण समीक्षा से कैसे बच सकते हैं जबकि रिपोर्ट में उनके खिलाफ किसी चीज के बदले में कोई काम करने का स्पष्ट मामला बताया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सीबीआई पहले ही प्राथमिकी एवं आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.’’ अशोक चव्हाण एकमात्र ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री हैं जिनका नाम आदर्श मामले के आरोपपत्र में हैं. बहरहाल, राज्य के शंकरनारायणन ने उनके खिलाफ अभियोजन की सीबीआई को अनिवार्य मंजूरी देने से इंकार कर दिया. इसके बाद जांच एजेंसी के पास उनके खिलाफ मामला बंद करने के अलावा कोई और चारा नहीं रह गया.

 

अशोक चव्हाण के मुख्यमंत्री काल में उनके तीन रिश्तेदारों को आदर्श बिल्डिंग में फ्लैट आवंटित किये गये. आयोग की रिपोर्ट के अनुसार अशोक चव्हाण ने 2002 में राजस्व मंत्री के रूप में आदर्श सोसाइटी से कथित रूप से कहा था कि वह असैन्य वर्ग से 40 प्रतिशत सदस्य लें. यह सोसाइटी मूल रूप से युद्ध में भाग ले चुके सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए बनायी गयी थी.

 

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि रिपोर्ट में जिन 12 अधिकारियों का नाम आया हैं उनके खिलाफ विभागीय जांच होगी.

 

उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने 22 बेनामी लेनदेन के बारे में भी कार्यवाही शुरू करने का निर्णय किया है. आयोग ने ऐसे फ्लैट के आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है जिन्हें बेनामी लेनदेन प्रतिबंध कानून के उल्लंघन करने का आरोपी पाया है.

 

दो राकांपा नेताओं टोपे एवं तटकरे के बारे में पूछे जाने पर चव्हाण ने कहा, ‘‘यह पाया गया कि इन दोनों, राज्य के तत्कालीन मंत्रियों  ने संबंधित फाइल तक नहीं देखी थी.’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनयिक देवयानी खोबरागड़े सहित उन 25 फ्लैट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का भी निर्णय किया है जिन्हें अयोग्य पाया गया है. खोबरागड़े हाल में वीजा धोखाधड़ी के मामले में अमेरिका में गिरफ्तार होने के बाद भारत एवं अमेरिका के बीच विवाद के केन्द्र में चल रही हैं.

 

फ्लैट पाने के मामले में जिन्हें अयोग्य पाया गया है उनमें महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं राकांपा नेता बाबासाहेब कुपेकर, पूर्व शिवसेना सांसद सुरेश प्रभु, अशोक चव्हाण के तीन रिश्तेदार शामिल हैं. यह मामला सुखिर्यों में आने के बाद अशोक चव्हाण को मुख्यमंत्री का पद त्यागना पड़ा था.

 

आदर्श घोटाले में क्या कार्रवाई होगी?

गलत तरीके से दिए फ्लैट का आवंटन रद्द होगा. FSI मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी. फ्लैट लेने वाले 12 IAS अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच होगी. 22 बेनामी फ्लैट्स की CBI जांच कराई जाएगी. नियमों के मुताबिक अयोग्य 25 फ्लैट मालिकों पर कार्रवाई . सबसे बड़ी बात किसी भी नेता पर कार्रवाई की जरूरत नहीं है.

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