'महिला खिलाड़ियों को हॉकी में अपना भविष्य नजर नहीं आता'

By: | Last Updated: Tuesday, 18 March 2014 3:49 AM

भोपाल: भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से मशहूर ममता खरब ने कहा कि महिला हॉकी के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि खिलाड़ियों को इसमें अपना भविष्य नजर नहीं आता है.

 

भोपाल में चल रही चौथी सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैम्पियनशिप में बतौर चयनकर्ता बनकर आई ममता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘खिलाड़ियों को महिला हॉकी में अपना भविष्य नजर नहीं आता और यही भारतीय महिला हॉकी के साथ सबसे बड़ी समस्या है, ऐसे में वे इस खेल के प्रति आकषिर्त हों भी तो कैसे.’’

 

उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हर राज्य सरकार महिला हॉकी खिलाड़ियों को अलग-अलग पोस्ट पर भर्ती करे, हालांकि रेलवे महिला हॉकी खिलाड़ियों को नौकरी देता है. उन्हें खुद हरियाणा सरकार ने डीएसपी के पद पर नौकरी दी है.

 

2002 के राष्ट्रमंडल खेलों में ‘गोल्डन गोल’ दागने वाली ममता ने कहा कि देश में महिला हॉकी धीरे-धीरे उपर उठ रही है.

 

हाल ही अनुशासनहीनता के लिए रेलवे के 16 खिलाड़ियों को निलंबित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि खेल में अनुशासन तो होना ही चाहिए. हॉकी इंडिया के इस कदम से खिलाड़ियों को कड़ा संदेश जाएगा.

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Web Title: ‘महिला खिलाड़ियों को हॉकी में अपना भविष्य नजर नहीं आता’
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