मां-बाप के अंधविश्वास ने बेटी को आसाराम के जाल में फंसाया

By: | Last Updated: Sunday, 1 September 2013 8:44 AM

नई
दिल्ली:
वो और उसका परिवार
आसाराम को भगवान से बढ़कर
मानते थे. आसाराम के मुंह से
निकली हर बात उनके लिए पत्थर
की लकीर थी. आसाराम पर इसी
अंधविश्वास के चलते
उन्होंने अपनी बेटी आसाराम
को संरक्षक समझकर सौंप दी. वो
नहीं जानते थे कि आंखें
मूंदकर अपनी बेटी जिसे सौंप
रहे हैं वो भगवान नहीं है. वो
सपने में भी नहीं सोंच सकते
थे कि जिस आश्रम में अपनी
बेटी को इलाज के लिए ले कर आए
हैं वहां उसकी आबरू के साथ
घृणित और शर्मनाक खेल खेला
जाएगा.और जिसपर वो आंखें
मूंदकर भरोसा करते हैं वो
रक्षक नहीं भक्षक साबित होगा.

अंग्रेजी के अखबार’मेल
टुडे’के मुताबिक यौन
उत्पीड़न की शिकार लड़की ने
अपने बयान में पुलिस को बताया
है कि वो उत्तर प्रदेश के
शाहजहांपुर की रहने वाली है
और मध्‍य प्रदेश के
छिंदवाड़ा में आसाराम के ही
गुरुकुल में 12 वीं पढ़ती है और
वहीं हॉस्टल में रहती है. एक
दिन अचानक उसकी तबियत खराब हो
गई. हॉस्टल वॉर्डन ने 7 अगस्‍त
को उसके माता-पिता को
शाहजहांपुर से बुलाकर
उन्‍हें बताया कि उनकी बेटी
की तबीयत ठीक न होने की वजह से
उसे अस्‍पताल में भर्ती
कराया गया है. पुलिस ने अखबार
को बताया है कि लड़की के पिता
को बताया गया कि उनकी बेटी का
सीटी स्‍कैन कराया जा रहा है
और ऐसा लगता है कि उस पर
भूत-प्रेत का साया है.

 आश्रम से बेटी की तबीयत की
जानकारी मिलने पर अगले दिन की
लड़की के माता-पिता अपनी बेटी
का हाल जानने के लिए आश्रम
पहुंचे. जब लड़की के
माता-पिता आश्रम पहुंचे, तो
उन्‍होंने अपनी बेटी को
तंदुरुस्‍त और स्‍वस्‍थ्‍य
पाया. आश्रम के वार्डन ने
लड़की के माता-पिता को बताया
कि आसाराम बापू ने लड़की के
लिए एक मंत्र भेजा था, जिससे
उनकी बेटी होश में आई. वार्डन
ने उनसे कहा कि वो अपनी बेटी
को आसाराम बापू के जोधपुर
आश्रम में ले जाएं. जहां पर
आसाराम बापू उनकी बेटी के लिए
खुद धार्मिक अनुष्‍ठान
करेंगे. पुलिस के मुताबिक
लड़की के परिजनों ने अपने
बयान में बताया कि वार्डन ने
उन्‍हें कहा कि वो बिना देरी
किए वहां जाए क्‍योंकि यह
अनुष्‍ठान खुद बापू करने
वाले हैं.

 14 अगस्‍त को लड़की अपने
माता-पिता के साथ जोधपुर
पहुंचे. जहां पर आसाराम बापू
के सेवक ने उन्‍हें एक कमरा
दिया और कहा कि अनुष्‍ठान कल
होगा. लड़की ने अपनी शिकायत
में बताया कि 15 अगस्‍त की शाम
को वो आसाराम बापू से मिलने
के लिए उनके आश्रम पहुंची.
इसके बाद आसाराम बापू ने उसे
कमरे के अंदर बुलाया और उसके
परिजनों को कहा कि वो बाहर
इंतजार करें.

 लड़की ने पुलिस को बताया कि
आसाराम बापू ने उससे उसकी
पढ़ाई के बारे में पूछा. बापू
ने उससे बातों-बातों में कहा
कि वो इस संस्‍था की
प्रवक्‍ता बन सकती है. इसके
बाद आसाराम बापू ने अपने सेवक
को कहा कि वो उसके माता-पिता
से कहे कि वो चले जाएं
क्‍योंकि अनुष्‍ठान में
काफी समय लगेगा. इसके बाद
आसाराम लड़की को कमरे में ले
गए.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है
कि आसाराम पर यौन उत्पीड़न का
आरोप लगाने वाली छिंदवाड़ा
गुरुकुल की नाबालिग छात्रा
को कोई बीमारी नहीं थी, बल्कि
उसे आसाराम के सामने लेकर आने
के लिए ये पूरी साजिश रची गई
थी. छिंदवाड़ा में छानबीन
करने गई जोधपुर पुलिस टीम को
उसकी बीमारी का कोई सबूत नहीं
मिला और न ही गुरुकुल प्रबंधन
ने उसके उपचार का कोई रिकॉर्ड
दिया. खुद पीडि़ता व उसके
परिजनों ने भी अपने बयान में
यही कहा था कि उसे सिर्फ एक
दिन चक्कर ही आया था. इसी के
इलाज के बहाने आसाराम ने
उसमें दैवीय शक्तियां
समाहित करने की बात कहते हुए
गलत हरकतें की थी.

आसाराम व उनके सहयोगियों के
खिलाफ गुजरात के दो थानों में
हत्या के प्रयास, मारपीट व
जमीन विवाद के 16 मुकदमे दर्ज
हैं, वो रिकॉर्ड भी मंगवाया
गया है.

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Web Title: मां-बाप के अंधविश्वास ने बेटी को आसाराम के जाल में फंसाया
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