माया की मूर्ति तोड़ने के आरोपियों को जमानत नहीं

माया की मूर्ति तोड़ने के आरोपियों को जमानत नहीं

By: | Updated: 07 Aug 2012 07:07 AM


लखनऊ: लखनऊ
शहर की एक अदालत ने मंगलवार
को उत्तर प्रदेश की पूर्व
मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज
पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती
की मूर्ति तोड़ने के तीन
आरोपियों को जमानत देने से
इंकार कर दिया. मायावती की
मूर्ति पिछले महीने तोड़ी गई
थी.

सत्र न्यायाधीश कमल
किशोर शर्मा ने जमानत
याचिकाओं को खारिज करते हुए
कहा कि यह कृत्य समाज के
विरुद्ध और समाज को बांटने के
प्रयास का एक गंभीर मामला है.


न्यायाधीश शर्मा आलोक
श्रीवास्तव, अर्पित
श्रीवास्तव और विशाल मिश्र
की जमानत याचिकाओं की सुनवाई
कर रहे थे.

उन्होंने कहा,
"ताज महल और लाल किला का
निर्माण भी जनता के पैसे से
किया गया था. इसका यह मतलब
नहीं है कि विपरीत विचार रखने
वालों को मूर्ति तोड़ने की
अनुमति मिली हुई है."

न्यायाधीश
ने कहा कि मूर्ति तोड़ने के
कृत्य से राज्य के कई हिस्सों
में राजनीतिक अशांति फैल गई.
हिंसा और प्रदर्शनों में
करोड़ों रुपये की सम्पत्ति
बर्बाद हो गई.

न्यायाधीश
ने सामान्य स्थिति बहाल करने
और तुरंत नई मूर्ति लगवाने
मेंतत्परता दिखाने के लिए
उत्तर प्रदेश सरकार की
प्रशंसा भी की.

उल्लेखनीय
है कि पूर्व मुख्यमंत्री की
संगमरमर की मूर्ति लखनऊ के
अम्बेडकर पार्क में स्थापित
थी जिसे 26 जुलाई को कथित तौर
पर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण
सेना के सदस्यों ने तोड़ डाली
थी.




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