मिट्टी नहीं स्टील के बर्तन में खिलाएं पक्षियों को खाना, ना दें ज्यादा मीठा या नमकीन खाना

मिट्टी नहीं स्टील के बर्तन में खिलाएं पक्षियों को खाना, ना दें ज्यादा मीठा या नमकीन खाना

By: | Updated: 11 Apr 2014 04:13 AM

नई दिल्ली: बचा-खुचा बेकार खाना खिलाए जाने से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आस-पास के इलाकों में पक्षियों की अलग-अलग प्रजातियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों के मुताबिक ये वो खाना इन पक्षियों के खान-पान की आदतों का हिस्सा नहीं होते हैं. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पक्षियों की 500 प्रजातियां पाई जाती हैं.

 

यह समस्या दिल्ली के प्रसिद्ध 15वीं सदी के लोधी गार्डन में साफ़ दिखाई पड़ती है. ग्रीन सर्किल ऑफ देलही के संस्थापक सुहास ब्रोकर ने बुधवार शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कहा, "कई लोग नियमित तौर पर गार्डन में आते हैं और पक्षियों को बहुत मीठा और नमकीन खाना खिलाते हैं. इससे पक्षियों के स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ रहा है."

 

इस समस्या पर 'दिल्ली में पक्षियों के लिए पर्यावरणीय क्षेत्र की रक्षा' विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में विचार किया गया. परिचर्चा का आयोजन लोधी गार्डन की 78वीं वर्षगांठ पर ग्रीन सर्किल ऑफ देलही ने किया था.

 

लोधी गार्डन के बागवानी विभाग के सहायक निदेशक जितेंद्र कौशिक ने इस परिचर्चा में कहा, "बाग-बगान पक्षियों के प्राकृतिक आवास हुआ करते हैं. आमतौर पर उन्हें परेशान नहीं किया जाता है, लेकिन इस तरह के भोज्य पदार्थ खिलाए जाने से वे बीमार पड़ रहे हैं."

 

परिचर्चा में मौजूद एक चिकित्सक ने कहा कि इस तरह के भोज्य पदार्थों के कारण पक्षियों का रंग खराब हो रहा है और उनमें कैंसर फैल रहा है. चैरिटी बर्ड्स अस्पताल में वेटरीनेरियन प्रभारी सुनील कुमार भट्ट ने कहा, "लोग मेरे अस्पताल आकर कहते हैं कि उनके तोते के पंख का रंग हरा नहीं है. ऐसा इसलिए होता है कि उन्हें सही भोजन नहीं मिलता है. पक्षियों को अनाज और पानी दिया जाना चाहिए."

 

भट्ट ने यह भी कहा कि पक्षियों को आम तौर पर मिट्टी के बर्तन में खिलाया जाता है. इस बर्तन की जगह स्टील या एल्युमिनियम के बर्तन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. दिल्ली बर्ड ग्रुप के मुताबिक मध्य अमेरिकी देश पनामा के बाद दिल्ली दुनिया में पक्षियों की सर्वाधिक आबादी वाला शहर है. पनामा में पक्षियों की 518 प्रजातियां पाई जाती हैं.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story लोया मामला: वकीलों का आरोप, मामला छोड़ने के लिए पड़ रहा है दबाव