मुंबई: दो ट्रेनों की टक्कर में एक की मौत, 15 घायल

मुंबई: दो ट्रेनों की टक्कर में एक की मौत, 15 घायल

By: | Updated: 19 Jul 2012 08:45 PM


मुंबई:
गुरुवार रात मुंबई-नासिक रेल
रूट पर उम्बरमाली के पास हुआ
जबरदस्त ट्रेन हादसा. भारी
बारिश और ट्रैक पर पत्थर आने
की वजह से पटरी से उतरी एक
लोकल ट्रेन से टकरा गई विदर्भ
एक्सप्रेस.





हादसे में एक महिला की मौत हो
गई जबकि करीब 15 लोग घायल हैं.
करीब 9.30 बजे मुंबई-कसारा रेल
रूट पर कसारा से मुंबई जाने
वाली लोकल ट्रेन की विदर्भ
एक्सप्रेस से जरदस्त टक्कर
हो गई.




उम्बरमाली के पास पटरी से
उतरी लोकल ट्रेन से जा टकराई
विदर्भ एक्सप्रेस.




लोकल ट्रेन और विदर्भ
एक्सप्रेस की हालत देखकर ये
साफ अंदाजा लगाया जा सकता है
कि हादसा कितना भयानक रहा
होगा. दुर्घटना में शकीला
कुरैशी नाम की एक 65 साल की
महिला के मौत हुई है जबकि
करीब 15 लोग घायल हैं.

कैसे
हुआ हादसा?





रेलवे अधिकारियों के
मुताबिक जिस इलाके में हादसा
हुआ वहां जोरदार बारिश हो रही
थी. बारिश की वजह से ट्रैक पर
कीचड़ और पत्थर आ गए थे. जिसकी
वजह से लोकल ट्रेन पटरी से
उतर गई और बगल के दूसरे ट्रैक
पर आ गई. इस ट्रैक पर सामने से
विदर्भ एक्सप्रेस आ रही थी जो
लोकल से टकरा गई.

ट्रेन
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे
का राहत और बचाव दल मौके पर
पहुंचा. रात का वक्त और
जोरदार बारिश की वजह से राहत
काम में काफी मुश्किल पेश आ
रही थी. लोकल के 11 डिब्बे
डिरेल थे जबकि विदर्भ
एक्सप्रेस का इंजन और दो कोच
पटरी से उतर गए थे. विदर्भ
एक्सप्रेस की एस10 बोगी एस 11 पर
चढ़ गई.

हादसे में करीब 15
लोग घायल हुए जिन्हें नासिक,
शाहपुर, इगतपुरी और कल्याण के
अस्पतालों में भर्ती कराया
गया है. रेल मंत्री मुकुल रॉय
ने हादसे की जानकारी मिलते ही
जांच के आदेश दे दिए हैं और
मुआवजे का एलान किया. मृतक के
परिजनों को पांच लाख रुपये,
गंभीर रूप से घायल लोगों को
एक लाख और कम घायल लोगों को 25
हजार रुपये दिए जाएंगे.




जाबांज जवान

लोकल और
एक्सप्रेस ट्रेन की जोरदार
टक्कर में घायलों और मरने
वालों की तादाद और भी बढ़
सकती थी लेकिन आरपीएफ के दो
जवानों ने अपनी जान पर खेल कर
लोगों की जान बचाई.

लोकल
ट्रेन और विदर्भ एक्सप्रेस
के बीच जोरदार टक्कर के बाद
विदर्भ एक्सप्रेस की बोगी
नंबर 10 बोगी नंबर 11 पर चढ गई.
हादसे के वक्त बारिश तेज थी.
एक के ऊपर एक चढ़ी बोगी ऊपर से
गुजर रहे हाई टेंशन तार से छू
गई.

बोगी में करंट उतरने
का खतरा था. उसी दौरान एन एस
सालुंके और आर जे मीणा नाम के
दो आरपीएफ जवानों ने बेहद
जांबाजी दिखाई. नीचे की बोगी
से हवा में टंगी बोगी में
दाखिल हुए और फिर एक एक कर
लोगों को बाहर निकाला.

जब
तक रेलवे की तरफ से सहायता
पहुंचती दोनों आरपीएफ
जवानों ने अपनी जान पर खेलकर
मुश्किल में फंसे मुसाफिरों
की मदद की. लिहाजा ये कहना गलत
नहीं होगा कि अगर वक्त पर ये
जवान हरकत में नहीं आते तो और
लोगों की जान जा सकती थी.




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