मुजफ्फरनगर: कैंप में राहत सामग्री की खुली लूट, दंगा पीड़ित परिवारों को मारपीट कर जबरन कैंप में रोका जा रहा है

By: | Last Updated: Thursday, 23 January 2014 12:17 PM
मुजफ्फरनगर: कैंप में राहत सामग्री की खुली लूट, दंगा पीड़ित परिवारों को मारपीट कर जबरन कैंप में रोका जा रहा है

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश सरकार ने दंगा ग्रस्त शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में राहत शिविरों को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया है. लेकिन डेली मेल की तफ्तीश के मुताबिक आधिकारिक रूप से बंद कर दिए गए इन राहत शिविरों में अब भी करीब 350 परिवार (करीब 20,000 लोग) बदतर हालात में रह रहे हैं. डेली मेल ने एक चौंकानेवाला खुलासा भी किया है कि दंगा पीड़ित परिवारों का आरोप है कि रिलीफ कैंप के इंचार्ज के आदमियों ने उनसे मारपीट करके उनका सामान छीन लिया है, ताकि दंगा पीड़ित परिवार कहीं जा नहीं सकें और उनके नाम पर राहत सामग्री वो लूट सकें.

 

डेली मेल में प्रकाशित खबर के मुताबिक राहत शिविर में रहने वाले जावेद ने बुधवार को बताया कि उसके परिवार ने राहत शिविर छोड़कर अपने गांव वापस लौटने का फैसला किया. लेकिन कैंप ऑर्गेनाइजर्स ने जावेद के परिवार इस बात के लिए राजी करने की बरसक कोशिश की कि वो लोग शिविर छोड़कर नहीं जाएं. लेकिन जब जावेद का परिवार शिविर में रहने को राजी नहीं हुआ तो ऑर्गेनाइजर्स के आदमियों ने जावेद और उसकी पत्नी पर हमला बोल दिया.

 

जावेद ने दावा किया है कि उसकी पत्नी इस हमले में घायल हुई है और एक स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में उसका इलाज चल रहा है. 

 

जावेद ने बताया कि कैंप ऑर्गेनाइजर भूरा सिंह और नासिर ने पहले कैंप की जमीन पर अपना दावा किया था और इन लोगों ने जावेद से कहा था कि हालात सामान्य होने पर वो जावेद को इस जमीन में छोटा सा हिस्सा दे देंगे. लेकिन जब जावेद ने इस जमीन के स्वामित्व के बारे में जांच की तो उसे पता चला कि ये जमीन तो सरकार की है. इसपर जावेद और उसके परिवार ने शिविर छोड़कर गांव वापस लौटने का फैसला लिया.

 

राहत शिविर में रहने वाले परिवारों का आरोप है कि ऑर्गेनाइजर्स उन्हें जबरन कैंप में रोके हुए हैं, ताकि उनके नाम पर आने वाली राहत सामग्री लूटी जा सके.

 

जावेद का आरोप है कि यहां कैंप में करीब 300 परिवार रह रहे हैं और सभी घर वापस जाना चाहते हैं. लेकिन ऑर्गेनाइजर्स उन्हें जबरन वहां रोककर रखना चाहते हैं. जो कैंप छओड़कर जाना चाहता है ऑर्गेनाइजर्स के आदमी उससे मारपीट करते हैं.

 

सरकार राहत कैंप बंद कर चुकी है, इसलिए इन कैंपों में रहने वाले परिवारों के साथ हो रही ज्यादती पर प्रशासन भी खामोश है.

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Web Title: मुजफ्फरनगर: कैंप में राहत सामग्री की खुली लूट, दंगा पीड़ित परिवारों को मारपीट कर जबरन कैंप में रोका जा रहा है
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