मेडिकल साइंस के लिए पहेली बने रांची के मत्स्यबालक !

By: | Last Updated: Thursday, 20 February 2014 1:22 PM
मेडिकल साइंस के लिए पहेली बने रांची के मत्स्यबालक !

रांची: कहते हैं कोलंबस के जहाजियों ने यूरोप को रहस्यमय मत्स्य कन्या की कहानियां सुनाईं थीं. मत्स्यकन्या यानि ऐसी सागर कन्याएं जिनका आधा शरीर लड़की का और आधा मछली का होता था और जो पानी में ही रहती थीं. मत्स्यकन्या भले ही एक कहानी हो लेकिन हमारे देश में मत्स्यबालक की हकीकत लोगों को हैरानी में डाल रही है. ये मत्स्यबालक देखे जा रहे हैं झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के डोबरोबासा गांव में.

 

इस गांव में दो बच्चे चौबीसों घंटे पानी में ही रहते हैं. वो पानी में ही खाते-पीते हैं और पानी में ही सोते-जागते हैं. यहां तक कि ये बच्चे मल-मूत्र विसर्जन भी पानी में ही करते हैं. खास बात ये कि पानी के बाहर निकालते ही ये बच्चे मछली की तरह तड़पने लगते हैं. रांची के अखबार इन मत्स्यबालकों की खबरों से भरे पड़े हैं.

 

ये दोनों बच्चे इसी गांव में रहने वाले माधो सोय के बेटे हैं. पांच साल का रोहित सोय और तीन साल का मंगल सोय. इन मत्स्यबालकों का मामला मेडिकल साइंस के लिए अचरज का विषय बना हुआ है. झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के डॉक्टर्स इन बच्चों पर रिसर्च कर रहे हैं.

 

इन मत्स्यबालकों की देखरेख करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक ये मत्स्यबालक एक्टोडर्मल डिसप्लेसिया नाम की बीमारी से पीडि़त हैं. इनके शरीर में पसीने को  बाहर निकालने वाली ग्रंथियां नहीं हैं, लिहाजा उनके शरीर का तापमान बहुत ज्यादा रहता है और वे पानी में रहना पसंद करते हैं. यही वजह है कि पानी से बाहर निकालते ही दोनों बच्चे बेचैन हो जाते हैं.

 

रिम्स में इलाज कर रहे शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके शर्मा ने बताया कि दोनों को एक्टोडर्मल डिसप्लेसिया बीमारी है. यह एक आनुवांशिक रोग है व इसका इलाज संभव नहीं है. यही कारण है कि इससे पीडि़त लोग लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं. पूरे विश्व में इस तरह के मरीजों की संख्या करीब सात हजार है. फिलहाल रिम्स में ही उसका उपचार होगा और उनकी स्किन का एक सैंपल बायोप्सी के लिए मुंबई भेजा जाएगा.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: मेडिकल साइंस के लिए पहेली बने रांची के मत्स्यबालक !
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017