मेरा परिवार कश्मीर मूल का, मैं भी कश्मीरी: राहुल

मेरा परिवार कश्मीर मूल का, मैं भी कश्मीरी: राहुल

By: | Updated: 04 Oct 2012 09:42 AM


श्रीनगर:
कांग्रेस महासचिव राहुल
गांधी ने गुरुवार को कहा कि
उनकी पार्टी कश्मीर के लोगों
के साथ रिश्ता कायम करने की
इच्छुक है, ताकि उनके
दुख-दर्द को समझा जा सके और
क्षेत्र की समस्याएं दूर
करने में मदद मिल सके.

राहुल
ने एक जनसभा को सम्बोधित करते
हुए कहा, "मैं यह दोहराना
चाहता हूं कि मेरा परिवार
कश्मीर मूल का है और मैं भी
कश्मीरी हूं. जैसा कि डा.
फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि
उनके पिता और मेरे पिता के
नाना (पंडित नेहरू) ने कश्मीर
के लिए साथ मिलकर काम किया था.
मैं यहां उमर अब्दुल्ला और
कश्मीर के लोगों के साथ मिलकर
काम करने आया हूं."




राहुल का भाषण सुनने के लिए
भारी बारिश व तूफान को झेलते
हुए लोग बड़ी संख्या में
सोनमर्ग पहुंचे थे.

राहुल
ने कहा, "भारत तेजी से प्रगति
कर रहा है. आप देश के किसी भी
राज्य में जाइए, वहां देखेंगे
कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग
वगैरह के क्षेत्र में कितनी
उन्नति हुई है. मैं चाहता हूं
कि इसी तरह जम्मू एवं कश्मीर
भी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली
और अन्य मामलों में उन्नति
करे."

राहुल गुरुवार सुबह
सबसे पहले लद्दाख क्षेत्र के
लेह शहर पहुंचे. यहां के पोलो
ग्राउंड में एक जनसभा को
सम्बोधित करते हुए उन्होंने
कहा कि जोजिला दर्रे से
लद्दाख को जोड़ने वाली सुरंग
के निर्माण का काम जल्द शुरू
हो जाएगा.

उन्होंने कहा
कि एक बार जब यह सुरंग बनकर
तैयार हो जाएगी तो लद्दाख से
सालभर सड़क सम्पर्क रखा जा
सकेगा. वैसे, अब तक लगभग आधे
साल बर्फ की मोटी तह जमे रहने
से यह क्षेत्र शेष दुनिया से
कटा रहता है.

राहुल ने कहा,
"सुरंग की नींव गुरुवार को
रखी गई. लद्दाख सालभर शेष देश
से जुड़ा रहे, इसलिए 2,680 करोड़
रुपये की इस परियोजना पर तेजी
से काम पूरा किया जाएगा."

उन्होंने
कहा कि लेह को कोरजोक से होते
हुए जम्मू से जोड़ने के लिए
एक और सड़क मार्ग का काम शुरू
किया जाएगा.

ठंडे
रेगिस्तान के नाम से मशहूर
लद्दाख साल के छह महीने तक
शेष दुनिया से कटा रहता है.
इसे शेष देश से जोड़ने का
अकेला सड़क मार्ग जोजिला
दर्रे से गुजरता है, जो भारी
हिमपात के कारण बंद हो जाता
है.

इससे पहले राहुल ने
यहां 2010 में बादल फटने की घटना
के बाद यहां का दौरा किया था.
उन्होंने कहा कि दो साल पहले
जब लेह में बादल फटा था तब
केंद्र सरकार ने राहत व
निर्माण कार्य के लिए
पर्याप्त मदद दी थी.

राहुल
ने यहां लेह स्वायत्त
पर्वतीय विकास परिषद के
सदस्यों से भी मुलाकात की.
उन्होंने एक बैठक में जिले
में चल रही विभिन्न विकास
परियोजनाओं का जायजा लिया.

सोनमर्ग
के लिए रवाना होने से पहले
उन्होंने कारगिल में लोगों
से मुलाकात की. जनसभा को
सम्बोधित करने से पहले राहुल
ने कश्मीर घाटी के गांदेरबल
जिले में केंद्रीय सड़क
परिवहन, राजमार्ग व रेलवे
मंत्री सी.पी. जोशी की
मौजूदगी में 6.5 किलोमीटर
लम्बी सुरंग की आधारशिला रखी.

मुख्यमंत्री
उमर अब्दुल्ला ने राहुल
गांधी का स्वागत किया और
जनसमूह से कहा कि राहुल उनके
व्यक्तिगत दोस्त हैं और
जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के
भी दोस्त हैं.

उमर ने कहा,
"हम उग्रवाद की समस्या का
सामना तो कर ही रहे हैं, एक
राजनीतिक समस्या से भी जूझ
रहे हैं. राजनीतिक समस्या का
हल सिर्फ बातचीत की प्रकिया
के जरिए हो सकता है. राहुल और
मेरे पूर्वजों ने जो सपना
देखा था, वह बातचीत और सुलह से
पूरा होगा."

इस मौके पर
केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा
मंत्री फारूक अब्दुल्ला,
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
जितेंद्र सिंह, राज्य के
उपमुख्यमंत्री ताराचंद और
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष
सैफुद्दीन सोजभी मौजूद थे.




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