'मैंने हमेशा महिलाओं को वासना की वस्तु के तौर पर देखा'

By: | Last Updated: Friday, 21 March 2014 4:59 AM
‘मैंने हमेशा महिलाओं को वासना की वस्तु के तौर पर देखा’

नई दिल्ली: चर्चित लेखक खुशवंत सिंह को इस बात का दुख था कि वह हमेशा से थोड़े कामुक रहे हैं और उन्होंने महिलाओं को वासना की वस्तु के तौर पर देखा.

 

खुशवंत सिंह का 20 मार्च को  निधन हो गया. वह 99 वर्ष के थे.

 

‘खुशवंतनामा: दी लेसन्स ऑफ माई लाइफ’ नाम की अपनी नई किताब में इस वरिष्ठ लेखक एवं स्तंभकार ने अपने जीवन और उससे मिली सीखों को शब्दों में ढाला है. उन्होंने बढ़ती उम्र, मौत के डर, यौनाचार के सुख, कविता के सुख एवं हंसी के महत्व और सेवानिवृत्ति के बाद सुखी एवं स्वस्थ्य रहने जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किये हैं.

 

इस मुद्दों के अलावा खुशवंत ने राजनीति, राजनेताओं और भारत के भविष्य पर भी अपनी राय जाहिर की है. वर्ष 1980 से 1986 तक संसद सदस्य रहे खुशवंत ने लिखा है, ‘‘अपने 98वें साल में मेरे पास आगे की सोचने के लिये ज्यादा कुछ नहीं बचा है, लेकिन याद करने के लिये काफी कुछ है. मैं अपनी सफलताओं और असफलताओं का एक लेखाजोखा पेश कर रहा हूं.’’

 

उन्होंने कहा है, ‘‘मैं इस बात से भी दुखी हूं कि मैं हमेशा से थोड़ा कामुक रहा हूं. महज चार साल की उम्र से लेकर आज 97 साल की उम्र पूरी करने के बाद भी कामुकता हमेशा से मेरे दिमाग पर छाई रही है.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ‘मैंने हमेशा महिलाओं को वासना की वस्तु के तौर पर देखा’
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017