मोदी के आगे जोशी ने टेके घुटने, नमो के लिए वाराणसी सीट छोड़ने के दिए संकेत

By: | Last Updated: Sunday, 9 March 2014 5:39 AM
मोदी के आगे जोशी ने टेके घुटने, नमो के लिए वाराणसी सीट छोड़ने के दिए संकेत

नई दिल्ली/बनारस: बीजेपी में वाराणसी सीट को लेकर छिड़े घमासान में वहां के मौजूदा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी कमज़ोर पड़ते नज़र आ रहे हैं.

 

जोशी ने बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के सामने घुटने टेकते हुए साफ किया कि उन्हें पार्टी का हर फैसला मंजूर होगा.

 

नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी सीट छोड़ने के संकेत देते हुए जोशी ने कहा, “13 मार्च को पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में मेरी सीट का फैसला होगा.”

 

खुद को पार्टी का अनुशासित सिपाही बताते हुए जोशी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सीट के लेकर पार्टी की ओर से पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा का ख्याल रखा जाएगा.

 

आपको बता दें कि मुरली मनोहर जोशी वाराणसी से मौजूदा सांसद हैं. सूत्रों के मुताबिक इस सीट से बीजेपी अपने पीएम उम्मीदवार नरद्र मोदी को उम्मीदवार बनाना चाहती है, लेकिन जोशी इसके लिए तैयार नहीं थे.

 

वाराणसी से क्यों?

 

वाराणसी सीट से मोदी इसलिए भी चुनाव लड़ना चाहते हैं क्योंकि 2004 को छोड़कर साल 1991 से ये सीट बीजेपी के पास है.

 

पिछले चुनाव में मुरली मनोहर जोशी ने बीएसपी के उम्मीदवार रहे मुख्तार अंसारी को 17 हजार वोटों से हराया था.

 

लोकसभा क्षेत्र की पांच में से तीन विधान सभा सीटों पर अभी बीजेपी का कब्जा है. एक पर अपना दल और एक पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है.

 

जोशी का क्या होगा?

 

अब तक तो ये लग रहा था कि जोशी की सीट बरकरार रहेगी पर मोदी के सामने हर कोई झुकता दिख रहा है.

 

इससे पहले भी मोदी के पीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी में खींचतान देखने को मिली थी और बीजेपी नेतृत्व को आडवाणी के भारी विरोध की सामना करना पड़ा था, लेकिन आखिरकार अडवाणी को ही झुकना पड़ा.

 

मोदी के आगे आने का खमियाजा पार्टी को गठबंधन के लिहाज से भी भारी पड़ा है. बीजेपी के 17 साल पुराने साथी जेडीयू ने पीएम पद उम्मीदवारी के लिए मोदी के नाम का ऐलान होने से पहले ही गठबंधन को अलविदा कह दिया था.

 

मोदी समर्थक अपने-पराए का फर्क किए बगैर मोदी की लहर में चौतरफा विरोध करने पर तुले हैं. पहले अडवाणी को इसका सामना करना पड़ा और अब जोशी की बारी है!

 

पर शायद अडवाणी के साथ जो हुआ उससे सीख लेते हुए जोशी ने पहले ही समझदारी दिखाना बेहतर समझा और वाराणसी साट खाली करने का मन बना लिया है. इससे पहले खबर आई थी कि वाराणसी सीट पर मुरली मनोहर जोशी के दावा ठोकने के बाद मोदी समर्थक जोशी का विरोध करने लगे हैं.

 

कल बीजेपी चुनाव समिति की बैठक में मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह के बीच बहस हो गई थी. यह बहस वाराणसी लोकसभा सीट को लेकर हुई थी. सूत्रों के मुताबिक मुरली मनोहर जोशी ने राजनाथ सिंह से पूछा है कि – वाराणसी से मोदी के चुनाव लड़ने पर मीडिया में जो खबरें दिखाई जा रही हैं उनपर वो तस्वीर साफ क्यों नहीं करते.

 

बीजेपी ने अपने पीएम कैंडीडेट नरेंद्र मोदी के लिए संसदीय सीट का चुनाव करने और अन्य संसदीय सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए चुनाव समिति की बैठक बुलाई थी. खबर है कि बीजेपी मोदी को गांधीनगर और वाराणसी संसदीय सीटों से चुनाव लड़ाना चाहती है.

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Web Title: मोदी के आगे जोशी ने टेके घुटने, नमो के लिए वाराणसी सीट छोड़ने के दिए संकेत
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