मोदी के करीबी अमित शाह ने कहा- पश्चिमी यूपी में अपमान करने वालों से 'बदले' का चुनाव है

By: | Last Updated: Saturday, 5 April 2014 5:42 AM

नई दिल्ली: बीजेपी के पीएम पद के उम्मदीवार नरेंद्र मोदी के करीबी और बीजेपी महासचिव अमित शाह ने पश्चिम यूपी के शामली में ऐसा बयान दिया है जिसपर चुनाव आयोग के कान खड़े गए हैं.

 

अमित शाह ने कहा कि ये चुनाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सम्मान का चुनाव है, जिन्होंने अपमान किया है उनसे बदले का चुनाव है. सवाल ये है कि किससे बदले की बात कही है अमित शाह ने. सूत्र बता रहे हैं कि अमित शाह के बयान का चुनाव आयोग संज्ञान ले सकता है.

 

समाजवादी पार्टी ने कहा है कि इससे साबित होता है कि बीजेपी किस तरह से वोट लेना चाहती है.

 

अमित शाह ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- ‘जिन्होंने हमारे समाज का अपमान किया, जिन्होंने हमारे समाज के लोगों को मौत के घाट उतरा दिया, उन लोगों के साथ बैठकर हमारा सम्मान बढ़ सकता है क्या?’

 

अमित शाह के इस बयान पर क्या कहना है विपक्षी पार्टियों का-
अमित शाह के बयान पर विवाद खड़ा हो रहा है. हर तरफ से आरोप लग रहे हैं कि नफरत फैला कर बीजेपी वोट लेने की ताक में है लेकिन बीजेपी ने अमित शाह के बयान का समर्थन भी किया है.इस बयान के बाद कांग्रेस तैश में आ गई है. कांग्रेस के लीगल सेल के प्रमुख केसी मित्तल ने अमित शाह की गिरफ्तारी की मांग की है. चुनाव आयोग से बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. लखनऊ में राजनाथ सिंह से भी सवाल पूछा गया लेकिन उन्होंने कांग्रेस को ही सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी करार दिया.
 

सपा नेता, रामगोपाल यादव-

‘हमने हमेशा कहा था कि ये दंगा बीजेपी वालों ने कराए थे. सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कराने के लिए बीजेपी द्वारा कराए गये थे.अमित शाह के इस बयान से इसबात की भी पुष्ठि होती है कि ये दंगे में ही इंटरेस्टेड हैं.’

 

जेडीयू नेता, के सी त्यागी

मैं क्षेत्रीय दल खासकर गैर भाजापाई दल उनको आगाह करना चाहता हूं कि गलती से अगर श्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आ गए तो सभी गैर-कांग्रेसी सरकार बर्खास्त की जाएगी. इसलिए मैं सभी दलों से एकजुट होकर मोदी को रोकने की अपील करता हूं. यह एक अलोकतांत्रिक, अमर्यादित बयान  है. लोकतंत्र में अपमान का बदला अपमान घृणात्मक शब्द है. अमित शाह तानाशाहों की भाषा बोल रहे हैं.’