मोदी ने आखिर वाराणसी को ही क्यों चुना?

By: | Last Updated: Monday, 21 April 2014 3:32 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी के वाराणसी में उतरने के बाद ही पूरे यूपी का सियासी तापमान बढ़ा हुआ है. सवाल ये है कि आखिर क्यों बीजेपी मोदी को गुजरात से उठाकर वाराणसी सीट पर लेकर आई.

 

वाराणसी में अब चुनावी गर्मी बढ़ती जा रही है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है लेकिन अब सभी की निगाहें वाराणसी पर लगी हैं क्योंकि यूपी ही नहीं देश का सबसे रोचक मुकाबला यहीं हो रहा है. वाराणसी कहिए बनारस कहिए या कहिए काशी इस शहर का अपना धार्मिक महत्व रहा है लेकिन अब मोदी के उतरने से सियासी महत्व भी काफी बढ़ गया है. सवाल ये है कि बीजेपी को मोदी को गुजरात से उठा कर वाराणसी क्यों ले आई. क्या सेफ सीट होने की वजह से मोदी को लाया गया?

 

साल 1991 से हुए 6 चुनावों में से पांच बार ये सीट बीजेपी ने हासिल की थी. साल 2004 में वाराणसी सीट कांग्रेस ने जीती थी. साल 2009 में वाराणसी पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस सीट से जीत हासिल की थी.

 

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी से एबीपी न्यूज के कार्यक्रम घोषणापत्र में हमने इस बारे में पूछा तो उनका जवाब था. कि उनके कहने पर मोदी को वाराणसी लाया गया ताकि पूर्वांचल में फायदा उठाया जा सके. यही दावा है नरेंद्र मोदी के करीबी अमित शाह का भी है. जानकारों का मानना है कि बीजेपी दोहरे फायदे की तलाश में थी. पहला फायदा वह है जिसका दावा किया जा रहा है.

 

क्योंकि पूरब की सीटों में पिछली बार बीजेपी ने गोरखपुर और बनारस छोड़कर कोई सीट नहीं जीती थी. बनारस पर आने से गोरखपुर पर तो जीतेंगे ही आस-पास की कई सीटों पर उसका असर होगा. और बिहार पर भी उसका असर होगा.

 

पूर्वांचल देश का और उत्तरप्रदेश का सबसे पिछड़ा इलाका है मोदी के विकास के नारे की मार्केटिंग के लिए भी एक बेहतर जगह थी. पूर्वांचल में विकास का सपना दिखा सकते थे.

 

वाराणसी यूपी के पूर्व में पड़ता है. बिहार के बक्सर, सिवान, गोपालगंज, जैसे पांच जिले पूर्वांचल के साथ लगते हैं. इसे बीजेपी के रणनीतिकारों की सफलता ही कहा जाएगा कि वह जो चाहते थे उसे करने में कामयाब रहे. एक तरफ कार्यकर्ताओं में जोश भरा गया और दूसरी तरफ ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू हो गई.

 

वाराणसी को चुनने के पीछे यूपी और बिहार की 30 से 40 सीटों को प्रभावित करना था.  और वहां अगर बड़ा नेता लड़ता है. तो उससे एक उत्साह बनेगा बाकी सब उम्मीदवारों में और कार्यकर्ताओं में. और मोदी के आने का ये असर हुआ चाहे जिस किसी ने भी ये रणनीति बनाई हो.

 

मोदी से ज्यादा ये आरएसएस का फैसला है. दरअसल पूरे उत्तर प्रदेश में और खासकर उत्तर भारत में बनारस की जो स्थिति है और मोदी एक आरएसएस के एक ऐसे प्रोजेक्ट के रूप में विकास के नीचे हिंदुत्व की राजनीति है उसके एक केंद्र के रूप में बनारस को चुनने की कोशिश की गई है. ध्रुवीकरण करने की कोशिश की गई है.

 

बीजेपी ने अपने पीएम पद के कैंडिडेट नरेंद्र मोदी को वाराणसी से मैदान में उतारा तो देखते ही देखते ये सीट प्रतिष्ठा की सीट बन गई. अब यहां से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के बाहुबली नेताओं में शुमार अजय राय और एसपी ने अपने को पान वाला कहने वाले यूपी के मंत्री कैलाश चौरसिया को मैदान में उतारा है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: मोदी ने आखिर वाराणसी को ही क्यों चुना?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ele2014
First Published:

Related Stories

गोरखपुर ट्रेजडी: राहुल ने की मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात, BRD अस्पताल भी जाएंगे
गोरखपुर ट्रेजडी: राहुल ने की मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात, BRD अस्पताल भी...

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पिछले दिनों बीआरडी अस्पताल में हुई बच्चों की मौत से मचे...

बड़ी खबर: जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं कांग्रेस के बड़े नेता नारायण राणे
बड़ी खबर: जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं कांग्रेस के बड़े नेता नारायण...

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा भूकंप आने की तैयारी में है. महाराष्ट्र में कांग्रेस...

JDU की बैठक में बड़ा फैसला, चार साल बाद फिर NDA में शामिल हुई नीतीश की पार्टी
JDU की बैठक में बड़ा फैसला, चार साल बाद फिर NDA में शामिल हुई नीतीश की पार्टी

पटना: बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. पटना में नीतीश की पार्टी की जेडीयू...

यूपी: मदरसों को लेकर योगी सरकार का दूसरा बड़ा फैसला, अब जरुरी होगा रजिस्ट्रेशन
यूपी: मदरसों को लेकर योगी सरकार का दूसरा बड़ा फैसला, अब जरुरी होगा...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम फैसले के तहत शुक्रवार से प्रदेश के सभी...

बाढ़ का कहर जारी: बिहार में अबतक 153  तो असम में 140 से ज्यादा की मौत
बाढ़ का कहर जारी: बिहार में अबतक 153 तो असम में 140 से ज्यादा की मौत

पटना/गुवाहाटी: बाढ़ ने देश के कई राज्यों में अपना कहर बरपा रखा है. बाढ़ से सबसे ज्यादा बर्बादी...

CM योगी का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- 'गोरखपुर को पिकनिक स्पॉट न बनाएं'
CM योगी का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- 'गोरखपुर को पिकनिक स्पॉट न बनाएं'

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज स्वच्छ यूपी-स्वस्थ...

नेपाल, भारत और बांग्लादेश में बाढ़ से ‘डेढ़ करोड़’ से अधिक लोग प्रभावित: रेड क्रॉस
नेपाल, भारत और बांग्लादेश में बाढ़ से ‘डेढ़ करोड़’ से अधिक लोग प्रभावित: रेड...

जिनेवा: आईएफआरसी यानी   ‘इंटरनेशनल फेडरेशन आफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसाइटीज’ ने...

‘डोकलाम’ पर जापान ने किया था भारत का समर्थन, चीन ने लगाई फटकार
‘डोकलाम’ पर जापान ने किया था भारत का समर्थन, चीन ने लगाई फटकार

बीजिंग:  चीन ने शुक्रवार को जापान को फटकार लगाते हुए कहा कि वह चीन, भारत सीमा विवाद पर ‘बिना...

यूपी: मथुरा में कर्जमाफी के लिए घूस लेता लेखपाल कैमरे में कैद, सस्पेंड
यूपी: मथुरा में कर्जमाफी के लिए घूस लेता लेखपाल कैमरे में कैद, सस्पेंड

मथुरा: योगी सरकार ने साढ़े 7 हजार किसानों को बड़ी राहत देते हुए उनका कर्जमाफ किया है. सीएम योगी...

बिहार: सृजन घोटाले में बड़ा खुलासा, सामाजिक कार्यकर्ता का दावा- ‘नीतीश को सब पता था’
बिहार: सृजन घोटाले में बड़ा खुलासा, सामाजिक कार्यकर्ता का दावा- ‘नीतीश को सब...

पटना:  बिहार में सबसे बड़ा घोटाला करने वाले सृजन एनजीओ में मोटा पैसा गैरकानूनी तरीके से सरकारी...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017