मोदी ने चुनाव नतीजों के बाद NDA में कुछ और दलों के शामिल होने के संकेत दिए

मोदी ने चुनाव नतीजों के बाद NDA में कुछ और दलों के शामिल होने के संकेत दिए

By: | Updated: 09 May 2014 05:08 AM

नई दिल्ली: बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के साथ बात करते दावा किया हैं कि चुनाव नतीजे एनडीए के पक्ष में आयेंगे, और 16 मई के बाद देश में एनडीए की सरकार बनेगी.  इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने इशारों इशारों में संकेत दिए हैं कि चुनाव के बाद कुछ और राजनीतिक दल NDA में शामिल हो सकते हैं.

 

 

गुजरात जासूसी मामले को लेकर पूछे गये सवाल पर नरेंद्र मोदी ने यह कह कर चुपी साध ली कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इसलिए वो इस मामले में कुछ नहीं बोलेंगे .

 

मोदी ने इस इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने अपने निकट सहयोगी अमित शाह और बिहार के नेता गिरिराज सिंह जैसे पार्टी नेताओं के खिलाफ अंदरूनी तौर पर ‘कड़ी’ कार्रवाई की जिन्होंने अपने बयानों में मुस्लिमों को निशाना बनाया था. उन्होंने कहा कि इसी कारण इस तरह के बयान बंद हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने इसके खिलाफ कड़ा रूख अपनाया और इसी कारण यह सब बंद हुआ. अगर मैंने अंदरूनी व्यवस्था के तहत इसका विरोध नहीं किया होता तो आपको नहीं लगता कि यह जारी रहता? क्या यह नहीं रूका है? यह रूका है या नहीं? इसका मतलब है कि मैंने कार्रवाई की और आप समझ सकते हैं.’

 

यह पूछने पर कि चुनाव प्रचार के दौरान मायावती, ममता बनर्जी, जयललिता पर हमले से बीजेपी नीत राजग को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भविष्य में गठबंधन पर बुरा असर होगा तो उन्होंने कहा, ‘राजनीति इस आधार पर नहीं की जाती कि चुनाव प्रचार के दौरान क्या कहा गया .’ बहरहाल उन्होंने कहा कि बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और 1984 में राजीव गांधी की सरकार के बाद यह ‘सबसे मजबूत और सर्वाधिक स्थायी सरकार’ बनाएगी.

 

मोदी ने इन आरोपों को खारिज किया कि वह भारत में शरण मांगने वाले लोगों से धार्मिक आधार पर भेदभाव कर रहे हैं.

 

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के घोषणापत्र में भारत को ‘पीड़ित हिंदुओं का नैसर्गिक घर’ बताया गया है जिसमें अलग..अलग मतों के लोग शामिल हैं लेकिन वे भारतीय मूल के हैं क्योंकि हिंदुत्व धर्म नहीं बल्कि ‘जीवन जीने का तरीका’ है.

 

प्रधानमंत्री बनने पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रूख अपनाने का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि बम विस्फोटों एवं गोलीबारी के बीच वार्ता करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, ‘क्या आप सोचते हैं कि बम विस्फोटों एवं गोलीबारी के बीच वार्ता करना संभव है ? उपयुक्त वार्ता के लिए पहले बम विस्फोट और गोलीबारी रूकनी चाहिए .’

 

मोदी के करीबी सहयोगी जेटली स्थानीय चुनाव आयोग अधिकारियों पर हमला करने में सबसे आगे रहे हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर कई बार चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. चुनाव आयोग ने ‘निष्पक्षता के अभाव’ के आरोपों को आज खारिज कर दिया.

 

यह पूछे जाने पर कि प्रियंका गांधी के ‘नीच राजनीति’ संबंधी बयान को उन्होंने क्यों जातिगत मोड़ दिया तो मोदी ने स्पष्ट किया कि उस शब्द का गुजराती में अर्थ उन्होंने जो जवाब दिया है उसके करीब है. वह गुजराती भाषा सबसे अच्छी तरह समझते हैं.

 

मोदी ने कहा, ‘मान लेते हैं कि मैंने गलत समझा. लेकिन तब भी इस तरह की भाषा के पीछे उनकी मंशा गलत थी.’

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