यूपी में बाढ़ का खतरा बरकरार, हजारों प्रभावित

By: | Last Updated: Saturday, 24 August 2013 3:17 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में
गंगा, यमुना, घाघरा और शारदा
सहित सभी प्रमुख नदियां खतरे
के निशान से उपर बह रही हैं.
नदियों के जलस्तर में लगातार
वृद्घि होने से तटवर्ती
इलाकों में तबाही मची हुई है.
यहां तक कि लोगों को खाद्य
समग्री भी नहीं मिल पा रही है.
जबकि प्रशासन का कहना है कि
हालात नियंत्रण में हैं और
प्रभावितों की मदद की जा रही
है.

बहराइच, सीतापुर, बिजनौर,
बाराबंकी और गोंडा सहित लगभग
10 जिलों में बाढ़ का खतरा अभी
भी बना हुआ है. इन जिलों के 50 से
अधिक गावों में बाढ़ का पानी
अभी भी रुका हुआ है. तटवर्ती
इलाकों में हजारों लोग बाढ़
से प्रभावित हुए हैं. लोगों
ने घरों से पलायन शुरू कर
दिया है.

गोंडा के एक अधिकारी ने
स्वीकार किया कि जिले के करीब
एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट
में हैं और लोगों को खासा
परेशानियों से गुजरना पड़
रहा है. इसके साथ ही अधिकारी
ने दावा किया कि प्रशासन बाढ़
प्रभावितों तक राहत एवं
खाद्य सामग्री पहुंचाने की
कोशिश कर रहा है.

अधिकारी ने बताया कि जिले में
करीब 30 बाढ़ चौकियां स्थापित
की गई हैं और इनके माध्यम से
बाढ़ की स्थिति पर लगातार
निगरानी रखी जा रही है.

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण
विभाग के मुताबिक गाजीपुर और
वाराणसी में गंगा का जलस्तर
अभी भी खतरे के निशान से ऊपर
बना हुआ है और जलस्तर लगातार
बढ़ रहा है. इलाहाबाद में
यमुना नदी उफान पर है, वहीं
बलियां में घाघरा नदी खतरे के
निशान से अभी भी उपर बह रही है.
गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया
में गंडक नदी के जलस्तर में
मामूली वृद्घि अभी भी जारी
है.

विभाग के मुताबिक प्रभावित
इलाकों के संबंधित
अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट
पर रखा गया है और प्रभावितों
के साथ ही नदियों के जलस्तर
पर निगरानी रखने को कहा गया
है.

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Web Title: यूपी में बाढ़ का खतरा बरकरार, हजारों प्रभावित
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