यूपी में ब्रह्मण मतदाता किसके साथ हैं?

यूपी में ब्रह्मण मतदाता किसके साथ हैं?

By: | Updated: 21 Apr 2014 05:27 PM
नई दिल्ली. बीजेपी यूपी के सहारे जीत की कोशिश कर रही है. यूपी में जीत की नींव तैयार करने में बीजेपी को ब्राह्मण वोटरों से भारी उम्मीद है लेकिन सवाल ये है कि क्या ब्राह्मण वोटर बीजेपी को वोट करेगा?

 

दलित वोटों की राजनीति करने वाली बीएसपी हो या राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी-कांग्रेस सभी को ब्राह्रण वोटरों की दरकार है. बीजेपी यूपी में अपनी बड़ी जीत के लिए ब्राह्मण वोटरों पर भरोसा कर रही है. ब्राह्रण बीजेपी के परंपरागत वोटर माने जाते रहे हैं.

 

यूपी में करीब 10 से 11 फीसदी ब्राह्मण वोटर हैं और लखनऊ जैसे शहर में ये आबादी करीब 15 फीसदी है. लेकिन क्या अपना परंपरागत वोटबैंक मानकर बीजेपी ने ब्राह्मणों की नाराजगी को नजरअंदाज कर दिया है. खबरें ये हैं कि बीजेपी के टिकट बंटवारे के बाद से ब्राह्मण समुदाय नाराज है.

 

अगड़े वोटरों में भी एक बहुत साफ बंटवारा इधर हुआ है राजनाथ जी के अध्यक्ष होने के बाद से एक सामान्य धारणा है कि राजपूतों को ज्यादा टिकट दिया गया है. ब्राह्मणों को कम टिकट दिया है या ब्राह्मणों को ऐसी जगह से टिकट दिया गया है जहां उनके जीतने के चांस कम हो. राजपूतों ने ज्यादा मजबूती से अपना क्लेम इस बार लिया है.

 

जानकार बताते हैं कि इस नाराजगी का सीधा फायदा बीएसपी को पहुंच सकता है क्योंकि मायावती ने 21 ब्राह्मणों को टिकट दिया है. अगर 21 उम्मीदवार बीएसपी ने दिए हैं ब्राह्मण बीएसपी से खिसके तभी वो हारी तो उसको अपने पुराने वोटर पाने की जल्दी है और इस बार उसको अवसर इसलिए भी लग रहा है क्योंकि ब्राह्मण वोटरों का सबसे बड़ा हिस्सेदार टिकट ना देने की वजह से बदनाम हो रहा है उस तुलना में 21 टिकट देकर मायावती ने ये क्लेम किया है.

 

नाराजगी की एक और वजह है मुरली मनोहर जोशी और कलराज मिश्र जैसे नेताओं की सीट बदला जाना. मोदी के लिए जोशी जी को काशी से कानपुर रवाना कर दिया गया और कलराज मिश्र को कानपुर से देवरिया जाना पड़ा. जोशी जी के कार्यालय का तो उद्घाटन भी हो चुका था.

 

बीजेपी के खराब दिनों में ब्राह्मण वोटर पार्टी से खिसक गया था लेकिन जैसे जैसे बीजेपी की हालत सुधरी तो ब्राह्मण वोटर भी बीजेपी की तरफ लौट रहा था लेकिन पार्टी में ब्राह्मणों के साथ हुए रवैये को लेकर नाराजगी की खबरें आने लगी जाहिर है बीजेपी ब्राह्मणों की नाराजगी का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं है.

 

हालांकि बीजेपी में चुनाव रणनीति बनाने में जुटे नेता इस बात से इंकार कर रह हैं. इकॉनमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक बीजेपी ने यूपी में 19 सीटों पर ब्राह्मणों को टिकट दिया है जबकि 17 सीटों पर ठाकुरों को टिकट मिला है. बीजेपी मोदी की लहर के सहारे इस वोटबैंक को अपने पक्ष में करने की उम्मीद कर रही है.

 

साल 2009 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए CSDS के सर्वे के मुताबिक 53 फीसदी ब्राह्मणों ने बीजेपी को वोट दिया था जबकि 31 फीसदी ने कांग्रेस को.

 

वहीं बीएसपी अपने ब्राह्मण वोट पाने के लिए पूरा जोर लगा रही है...अगर बीजेपी के इस परंपरागत ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगती है तो बीएसपी को फायदा पहुंचेगा.

 

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