राजपथ पर दिखी भारत की संस्कृति और ताकत की झलक, सेना के करतब ने मनमोह लिया

By: | Last Updated: Sunday, 26 January 2014 2:48 AM
राजपथ पर दिखी भारत की संस्कृति और ताकत की झलक, सेना के करतब ने मनमोह लिया

नई दिल्ली.  पूरे देश में गणतंत्र दिवस की धूम है. इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे. वे शनिवार को दिल्ली पहुंचे. शिन्जो तीन दिन की भारत यात्रा पर आए हैं. शिन्जो आबे देश की गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि बनने वाले जापान के पहले पीएम हैं.. करीब दो महीने पहले जापान के सम्राट और उनकी पत्नी भी भारत दौरे पर आए थे.

 

सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर पीएम और 9 बजकर 49 मिनट पर राष्ट्रपति आयोजन स्थल पर पहुंचे. ध्वजारोहण के बाद सुबह 10 बजे तीनों सेनाओं के जांबाजों को वीरता पुरस्कार दिए गया. 10 बजकर 3 मिनट पर गणतंत्र दिवस की परेड शुरू हो गयी.

 

सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सबसे पहले सेना के तीनों अंगों के प्रमुख इंडिया गेट के अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दिये. सेना प्रमुखों के बाद 9 बजकर 25 मिनट पर रक्षा मंत्री ए के एंटनी अमर ज्योति जवान पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

 

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर इंडिया गेट पहुंचें और शहीदों को श्रद्धांजलि दिये.

 

पूरे देश में आज 65वां गणतंत्र दिवस हषरेल्लास से मनाया गया. राष्ट्रीय राजधानी के विजय चौक से ऐतिहासिक लालकिले तक दोनों ओर उत्साही जनता के विशाल हुजूम के बीच आधुनिक युग की विभिन्न क्षेत्रों की देश की उपलब्धियों और देश की सुरक्षा की गारंटी देने वाली फौज की क्षमता का आज भव्य प्रदर्शन हुआ.

 

राष्ट्रपति भवन के समीप से रायसीना हिल्स की ओट से परेड की अगुवाई करने वाली सेना की पहली टुकड़ी की झलक पाते ही विजय चौक से राजपथ तक, लोगांे की करतल ध्वनियों से गूंज गया. परेड का नेतृत्व दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रतो मित्रा ने किया. दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल राजवीर सिंह सैकंड-इन-कमांड रहे.

 

इस साल की परेड में भारत के पहले स्वेदश विकसित हल्के लड़ाकू विमान तेजस का प्रदर्शन आकषर्ण का केंद्र रहा. डीआरडीओ द्वारा तैयार इस विमान को भारत की वायु रक्षा तैयारियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

 

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां रविवार को 65वें गणतंत्र दिवस के मौके पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने तीनों सेना प्रमुखों की मौजूदगी में इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित दी.

 

प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी और मौजूद अन्य गणमान्यों ने दो मिनट का मौन रखा.

 

सिंह ने राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड के लिए सलामी मंच का रुख करने से पूर्व आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए. गणतंत्र दिवस समारोह में सिंह के जापानी समकक्ष शिंजो अबे मुख्य अतिथि हैं.

 

मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी अर्जुन) एमके-2 भी प्रदर्शित किया गया जो देश में डिजाइन और विकसित किया गया, अपने तरह का यह पहला टैंक है. इसकी शानदार गतिशीलता को देखते हुए इसे डेजर्ट फेरारी की संज्ञा दी गयी है. भारतीय वायु सेना में हाल ही में शामिल किया गया ट्रांसपोर्ट एयर क्राफ्ट, सी-130जे सुपर हकरुलस भी आकर्षण का केन्द्र होगा जो विशेष अभियानों के लिए सर्वाधिक अनुकूल है. विशाल सी-17 ग्लोबमास्टर भी परेड में शामिल रहा जो भारी सामान ले जाने वाला लम्बी दूरी का विमान है.

 

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ‘अस्त्र’ और ‘हेलिना’ मिसाइलें भी प्रदर्शित किया. एक झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसमें मानव रहित प्रणाली ‘दक्ष’ को दिखाया गया. यह एक रिमोट संचालित वाहन है. इसके अलावा ऑटोनोमस अंडर वाटर व्हिकल, लघु यूएवी-‘नेत्र’, व्हील्ड निगरानी वाहन, खोजी वाहन मंत्र एस, मानव रहित एरियल व्हीकल ‘निशांत’, भी प्रदर्शित किए गये.

 

भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले वाहनों में टी-90 ‘भीष्म’, आईसीवी बीएमपी-2 (सारथ), टीके-टी-72 फुल विड्थ माइन प्लो, पीएमएस ब्रिजिंग सिस्टम, ओएसए-एक हथियार प्रणाली, स्मेर्च-एल्टी-लांचर रॉकेट प्रणाली, ब्रम्होस हथियार प्रणाली और ट्रांसपोर्टेबल सेटलाइट टर्मिनल्स (टीएसटी) शामिल हैं. सेना के मैकेनाइज्ड दस्ते द्वारा अत्याधुनिक हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ का फ्लाइपास्ट शामिल हुआ.

 

भारतीय वायु सेना की झांकी का विषय होगा ‘भारतीय वायु सेना का कायापलट’ इसमें वायु सेना की पूर्ण स्पैक्ट्रम क्षमता दर्शायी गयी और पिछले 8 दशकों में भारतीय वायु सेना में हुए बहुपक्षीय परिवर्तनों की झलक दिखाई गई.

 

भारतीय नौ सेना की झांकी में एक पनडुब्बी का मॉडल दिखाया गया. पनडुब्बी को नौ सेना की क्षमता में सर्वाधिक सक्षम और घातक सैन्य साधन समझा जाता है. पिछले वर्षो में पनडुब्बी प्रचालन के क्षेत्र का विस्तार हुआ है और भारतीय नौ सेना में आज परमाणु संचालित पनडुब्बियां शामिल की जा चुकी हैं.

 

 

गणतंत्र दिवस के अवसर पर 18 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों तथा विभागों की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिनमें देश की विविध ऐतिहासिक, वास्तुशिल्पीय और सांस्कृतिक विरासत दर्शायी गई. इन झांकियों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई देश की प्रगति को दशार्या गया. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2013 के लिए चुने गए 25 बच्चों में से 20 बच्चे भी परेड में शामिल हुए. 5 बच्चों का मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

 

सीमा सुरक्षा बल के जांबाज मोटर साइकिल सवार भी हर बार की तरह इस बार भी अपना करतब दिखाएं. इस बार 30 मोटर साइकिलों पर 162 सवार शामिल हुए जो विभिन्न प्रकार की सलामी दिये. समारोह के अंत में राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया गया.

 

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Web Title: राजपथ पर दिखी भारत की संस्कृति और ताकत की झलक, सेना के करतब ने मनमोह लिया
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