राजीव के हत्यारों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

By: | Last Updated: Thursday, 20 February 2014 6:25 AM

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले में प्रक्रियागत खामियां है.

 

आपको बता दें कि केंद्र सरकार इस मामले में तीन हत्यारों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर कर रखी है. केंद्र ने अपील की कि मृत्युदंड कम करने पर उसकी पुनरीक्षण याचिका के लंबित रहने के दौरान दोषियों को रिहा नहीं किया जाए, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक तमिलनाडु सरकार राजीव के हत्यारों को रिहा नहीं कर सकती है. अगली सुनवाई 6 मार्च को है.

 

आपको बता दें कि सुप्रीम के इस ताज़ा फैसले से सिर्फ उन तीन दोषियों को तमिलनाडु सरकार रिहा नहीं कर सकती है जिसकी फांसी की सजा को बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था. हालांकि, अन्य चार आरोपियों की रिहाई के फैसले पर चाहे तो तमिलनाडु सरकार अमल कर सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उन चार आरोपियों को लेकर कोई आदेश नहीं दिया है.

 

 

इससे पहले, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बयान जारी करके तमिलनाडु सरकार के रिहाई फैसले को कानूनी रूप से सही नहीं माना था.

 

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प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु सरकार से हत्यारों को रिहा न करने की अपील की थी. मनमोहन सिंह ने कहा, “किसी पार्टी और किसी सरकार को आतंकवाद के खिलाफ नरमी नहीं दिखानी चाहिए.”

 

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आपको बता दें कि 7 दोषियों को छोड़ने का फैसला तमिलनाडु सरकार ने किया था.

 

 

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राहुल भी उठा चुके हैं सवाल

 

आपको बता दें कि कल राहुल गांधी ने तमिलनाडु सरकार के फैसले के बाद कहा था कि आम आदमी कैसे करे इंसाफ की उम्मीद? कांग्रेस ने भी प्रेस रिलीज जारी करके रिहाई की निंदा की थी.

 

राहुल ने कहा था, “प्रधानमंत्री ने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी.. लेकिन प्रधानमंत्री को न्याय नहीं मिलता.”

 

ग़ौरतलब है कि एलटीटीई से जुड़ी एक आत्मघाती महिला हमलावर ने 1991 में चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी.

 

राहुल ने कहा था कि वह मृत्युदंड के खिलाफ हैं, परंतु यह मुद्दा देश से जुड़ा है. उन्होंने कहा, “मेरे पिता वापस नहीं लौटेंगे, लेकिन यह एक राष्ट्रीय मामला है, यह सिर्फ मेरे परिवार या मेरे पिता से जुड़ा मामला नहीं है. यदि कोई प्रधानमंत्री की हत्या करता है और वह रिहा हो जाता है, तो फिर आम आदमी को कैसे न्याय मिलेगा?”

 

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने बुधवार को घोषणा की कि राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए सभी सात लोगों को रिहा किया जाएगा. इसमें छह पुरुष और एक महिला शामिल है.  सभी सातों दोषी 1991 से ही जेल में बंद हैं.

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