राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई आसान नहीं, केंद्र को जयललिता की चिट्ठी का इंतजार, फैसले से दुखी हैं राहुल

By: | Last Updated: Thursday, 20 February 2014 3:38 AM

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सात हत्यारों को रिहा करने के जयललिता सरकार के फैसले पर बवाल मचा हुआ है. कांग्रेस ने प्रेस रिलीज जारी कर की फैसले की निंदा है.  इस फैसले से राहुल गांधी बहुत ही दुखी है. राहुल ने कहा है कि इस देश में प्रधानमंत्री को भी न्याय नहीं मिलता है.

 

राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री ने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी.. लेकिन प्रधानमंत्री को न्याय नहीं मिलता”. आपको बता दें कि लिट्टे से जुड़ी एक आत्मघाती महिला हमलावर ने 1991 में चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी.

 

राहुल ने कहा कि वह मृत्युदंड के खिलाफ है, परंतु यह मुद्दा देश से जुड़ा है. उन्होंने कहा, “मेरे पिता वापस नहीं लौटेंगे, लेकिन यह एक राष्ट्रीय मामला है, यह सिर्फ मेरे परिवार या मेरे पिता से जुड़ा मामला नहीं है. यदि कोई प्रधानमंत्री की हत्या करता है और वह रिहा हो जाता है, तो फिर आम आदमी को कैसे न्याय मिलेगा?” देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो देश के आम लोगों को इंसाफ कैसे मिलेगा?  

 

राहुल ने कहा, “यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसपर विचार करने की जरूरत है. हिंदुस्तान को बदलने की जरूरत है.” अपने पापा के सात हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर बोले राहुल, कहा- आम आदमी कैसे करे इंसाफ की उम्मीद?

 

यहां देखें- राजीव गांधी के हत्या की पूरी कहानी