राज्यसभा में हुई देश में सूखे की स्थिति पर चर्चा

राज्यसभा में हुई देश में सूखे की स्थिति पर चर्चा

By: | Updated: 08 May 2012 05:44 AM


नई
दिल्ली:
राज्यसभा में
मंगलवार को देश के विभिन्न
हिस्सों में सूखे की स्थिति
पर चर्चा हुई. विपक्षी दलों
ने इस प्राकृतिक संकट से
निपटने के लिए तत्काल
कार्रवाई किए जाने की मांग
की.

कर्नाटक में सूखे
जैसी स्थिति पर ध्यानाकर्षण
प्रस्ताव पेश करते हुए
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
के पूर्व अध्यक्ष एम. वेंकैया
नायडू ने आरोप लगाया कि
कर्नाटक में सूखे की स्थिति
के बावजूद सरकार का रवैया
'उदासीन' और 'असंवेदनशील' बना
हुआ है.

केंद्रीय कृषि
राज्य मंत्री हरीश रावत ने
कहा कि सरकार इस मुद्दे को
लेकर उदासीन नहीं है और एक
केंद्रीय टीम जल्द ही सूखा
प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
करेगी. लेकिन विपक्षी दल
भाजपा ने इस आश्वासन को खारिज
कर दिया और सरकार पर इस दिशा
में कोई कारगर कदम न उठाने का
आरोप लगाते हुए इसके सदस्य
सदन से बहिर्गमन कर गए.

इससे
पहले कई अन्य सदस्यों ने भी
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश
में सूखे जैसी स्थिति का
मुद्दा उठाया. भाजपा सांसद
माया सिंह ने केंद्र पर मध्य
प्रदेश को जूट के बोरे उपलब्ध
नहीं कराने का आरोप लगाया.
वहीं, अकाली दल के सांसद
बलविंदर सिंह भुंडर ने अपील
की कि पंजाब से खाद्यान्न
लेकर उसका वितरण सूखा
प्रभावित क्षेत्रों में
किया जाए.

हरित क्रांति
के जनक एम. एस. स्वामीनाथन ने
सलाह दी कि जलवायु परिवर्तन
के प्रभाव से निपटने के लिए
सरकार दीर्घकालिक योजना
बनाए और उन जिलों के लिए
दिशा-निर्देश जारी करे, जो
सूखा प्रभावित हैं.
 




फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story गोलीबारी में शहीद लांस नायक को सेना ने अंतिम विदाई दी