रामकृपाल को मनाने की कोशिश नाकाम, पांच घंटों के इंतज़ार के बाद बिन मिले लौटीं मीसा

By: | Last Updated: Friday, 7 March 2014 8:28 AM
रामकृपाल को मनाने की कोशिश नाकाम, पांच घंटों के इंतज़ार के बाद बिन मिले लौटीं मीसा

पटना: बिहार में लालू प्रसाद यादव की पार्टी बग़ावत की बर्बादी से बचने के लिए रुठे और पार्टी छोड़ने का मन बना चुके पार्टी के प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव को मनाने में जुटी है, लेकिन नाकाम दिख रही है.

 

दूसरी तरफ बीजेपी से लेकर जेडीयू तक रामकृपाल के संपर्क में है.

 

शुक्रवार को रामकृपाल को मनाने के लिए खुद लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती रामकृपाल यादव के घर पहुंची, लेकिन मीसा भारती को देखर रामकृपाल यादव अपने घर से कहीं और खिसक गए, और पांच घंटे तक नहीं लौटे तो बिना मिले ही मीसा भारती लौट गई हैं.

 

इससे पहले, जब मीसा भारती रामकृपाल यादव से मिलने उनके घर पर गई तो रामकृपाल मीसा को देखते हुए घर से निकल गए और फिर मीसा से नहीं मिले, जब तक मीसा उनके घर पर रहीं, वे नहीं लौटे.

 

हालांकि, मीसा का कहना था कि उन्हें मीडिया से पता चला है कि पाटलिपुत्र सीट के टिकट को लेकर रामकृपाल यादव नाराज़ हैं तो वे उनसे मिलने आई हैं.

 

मीसा भारती ने एबीपी न्यूज़ से कहा था, “रामकृपाल यादव जी मेरे लिए चाचा के सामन हैं. चाचा के लिए पाटलिपुत्र सीट छोड़ने को तैयार हूं.”

 

आपको बता दें कि लालू यादव ने पाटलिपुत्र लोकसबा सीट से अपनी बेटी मीसा भारती को टिकट दिया है जिससे रामकृपाल यादव खासे नाराज़ हैं और बग़ावत का झंडा उठा लिया है.

 

खबरें हैं कि नीतीश कुमार ने रामकृपाल यादव से बात की है, जबकि पहली ऐसी खबरें थी कि रामकृपाल यादव आरजेडी को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.

 

हालांकि, खुद रामकृपाल यादव अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं. रामकृपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी फैसला नहीं किया है.

 

कौन कौन है नाराज़

 

पार्टी में नंबर टू कहे जाने वाले रामकृपाल यादव लालू के सबसे वफादार नेताओं में शुमार रहे हैं और उन्हें पिछली बार भी टिकट नहीं मिला था. पिछले लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काट कर लालू खुद चुनाव लड़ गए थे. लेकिन इस बार उम्मीद लगाए रामकृपाल बागवत पर उतारू हैं.

 

इससे पहले रामकृपाल के यूपीए-1 में मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन कहा जाता है कि मीसा भारती ने ही उन्हें मंत्री नहीं बनने दिया. आज शायद चाचा भतीजी से बदला लेने के मूड में हैं.

 

टिकट बंटवारे को लेकर आरजेडी के एमएलसी गुलाम ग़ौस भी नाराज़ हैं और उन्होंने भी बग़ावत का परचम उठा लिया है. वे पश्चिम चंपारण से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन आरजेडी ने वहां से पार्टी के वरिष्ठ नेता रधुनाथ झा को टिकट दिया है. भोजपुर के बड़हरा से विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह भी टिकट न मिलने से खासे नाराज़ हैं.

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Web Title: रामकृपाल को मनाने की कोशिश नाकाम, पांच घंटों के इंतज़ार के बाद बिन मिले लौटीं मीसा
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