रामदेव की सभाओं पर रहेगी चुनाव आयोग की नज़र

By: | Last Updated: Wednesday, 9 October 2013 9:47 PM
रामदेव की सभाओं पर रहेगी चुनाव आयोग की नज़र

नई दिल्ली: बाबा
रामदेव को छत्तीसगढ़ का दौरा
काफी महंगा पड़ा. पहले तो
चुनाव आयोग उन पर सख्त हुआ
उसके बाद कांग्रेस की महिला
कार्यकर्ता उनके पीछे सलवार
और चूड़ी लेकर पड़ गईं.

वहां से बाबा ने जैसे तैसे
अपनी जान तो बचाई लेकिन चुनाव
आयोग ने छत्तीसगढ़ में
रामदेव की सभाओं का खर्च
बीजेपी के खाते में जोड़ने का
फैसला किया है.

अब बाबा को दिल्ली के द्वारका
इलाके में शिविर लगाने की
इजाजत तो मिल गई है लेकिन कई
शर्तों के साथ. आयोग ने
आयोजकों को चेतावनी दी कि वे
आयोजन स्थल का इस्तेमाल
राजनैतिक उद्देश्यों के लिए
न करें.

दरअसल भारत यात्रा पर निकले
बाबा रामदेव आज दिल्ली के
द्वारका में लोगों को योग
सिखाने के साथ नरेंद्र मोदी
के पक्ष में माहौल बनाने की
तैयारी में भी है, लेकिन अब
उनके योग शिविर पर चुनाव आयोग
की पैनी नजर है.

चुनाव
आयोग ने बुधवार को कहा कि
छत्तीसगढ़ में हुईं रामदेव
की जनसभाओं का खर्च बीजेपी के
खर्च में जोड़ा जाएगा. चुनाव
आयोग ने रामदेव की सभा का
वीडियो देखने के बाद ये फैसला
किया है.

पिछले हफ्ते
बाबा ने छत्तीसगढ़ में सभाएं
की जिसमें रमन सिंह सरकार और
मोदी की तारीफ की थी.

एबीपी
न्यूज ने भी बाबा रामदेव ने
अपनी सभाओं में बीजेपी के
प्रचार पर सवाल पूछा था.
रामदेव ने कहा था कि उनकी
सभाओं में आने वाली भीड़
वोटरों में तब्दील हो जाती
है.

चुनाव आयोग ने
दिल्ली में रामदेव के योग
शिविर को दी सशर्त हरी झंडी

चुनाव
आयोग ने कल से राष्ट्रीय
राजधानी में बाबा रामदेव को
योग शिविर लगाने की अनुमति दे
दी है. वहीं, आयोजकों को
चेतावनी दी कि वे आयोजन स्थल
का इस्तेमाल राजनैतिक
उद्देश्यों के लिए नहीं
करेंगे.

दिल्ली में
द्वारका में शिविर लगाने के
खिलाफ शिकायत का निपटारा
करते हुए चुनाव आयोग ने कहा
कि कार्यक्रम की अनुमति दी जा
सकती है लेकिन कुछ शर्तों के
साथ.

उसने कहा कि शिविर के
लिए कोई औपचारिक या प्रचारित
उद्घाटन या समापन समारोह
नहीं होगा जिसमें राजनैतिक
पदाधिकारी मुख्य अतिथि या
विशेष आमंत्रित के तौर पर
हिस्सा लेंगे.

उसने यह भी
कहा कि शिविर में किसी भी
राजनैतिक दल की किसी भी
माध्यम (प्रिट, इलेक्ट्रॉनिक
या डिजीटल) से किसी प्रचार
सामग्री के वितरण की अनुमति
नहीं होगी.

आयोग ने कहा,
‘‘आयोजकों को निर्देश दिया
जाना चाहिए कि वे इस बात को
सुनिश्चित करें कि शिविर के
आयोजन स्थल का इस्तेमाल किसी
के भी द्वारा राजनैतिक
प्रचार के लिए नहीं किया
जाए.’’

आयोग ने कहा कि इन
निर्देशों का उल्लंघन करने
पर आयोजकों समेत
उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ
प्रासंगिक कानूनों, नियमों
और आदर्श आचार संहिता के तहत
कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसके
तहत शिविर के आयोजन की अनुमति
भी वापस ले ली जाएगी.

आयोग
ने कहा, ‘‘आयोजकों को यह भी
सूचित किया जाता है कि शिविर
से कोई भी प्रत्यक्ष, परोक्ष
राजनैतिक संदेश को गंभीरता
से देखा जाएगा और समूचे खर्च
को चुनाव प्रचार के तौर पर
लिया जाएगा.’’

आयोग ने
स्थानीय अधिकारियों से यह भी
कहा कि वे आयोजकों से शपथ
पत्र लें कि वे उनके समक्ष
रखी गई सभी शर्तों का पालन
करेंगे. उसने यह भी कहा कि
शिविर की वीडियोग्राफी की
जाए.

(इनपुट एजेंसियों से भी)

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Web Title: रामदेव की सभाओं पर रहेगी चुनाव आयोग की नज़र
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