लद्दाख का चुनावी हाल जहां वोटरों को पोलिंग बूथों पर लाने के लिए अपनाया जा रहा है अनोखा तरीक़ा

लद्दाख का चुनावी हाल जहां वोटरों को पोलिंग बूथों पर लाने के लिए अपनाया जा रहा है अनोखा तरीक़ा

By: | Updated: 06 May 2014 12:57 PM
लद्दाख: देश में चुनावों का दौर जारी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. जम्मू कश्मीर की लद्दाख लोकसभा सीट पर वोटरों को पोलिंग बूथ तक लाने के लिये जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल शुरू की है.

 

प्रशासन ने लेह के करीब 100 सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों से लोगों को पोलिंग बूथ पर आने के लिए निमंत्रण पत्र बनवाए है, जिनकी प्रदर्शनी लेह में चल रही है.

 

लेह के सिन्दु सांस्कृति केन्द्र में लगी प्रदर्शनी लोगों को ख़ूब आकर्षित कर रहीं है.

 

अपनी तरह की अनोखी प्रदर्शनी में लेह के 100 स्कूलों के करीब 1000 स्कूली छात्रों ने इस प्रदर्शनी में लोगों को पोलिंग बूथों तक जाने का निमंत्रण अपने तरीके से भेजा है और इन में से कुछ निमंत्रण पत्रों को इस प्रदर्शनी में रखा गया है.

 

लेह के मजिस्ट्रेट सिमरजीत सिंह के मुताबिक लेह का क्षेत्रफल क़ाफी ज़्यादा है और यहां पर चुनाव के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया को आसान करने के लिए ऐसा किया गया है.

 

उनके मुताबिक इस प्रक्रिया में लेह शहर से लेकर दूरदराज़ के इलाकों के स्कूलों को जोड़ा गया है ताकि इन इलाकों में पढ़ने वाले बच्चे अपने माता पिता को वोट की अहमीयत समझाएं.

 

क्षेत्रफल के हिसाब से लद्दाख देश की सबसे बड़ी लोकसभा सीट है. साल में करीब छह से सात महीनों तक सड़क मार्ग से बंद रहने वाले इस इलाके के कई पोलिंग स्टेशनों पर पहंचने के लिए एक हफ्ते का समय लगता है.

 

1.73 लाख वर्ग किलोमीटर में बसी लद्दाख लोकसभा सीट पर 1.60 हज़ार वोटर 4 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 7 मई करेंगे. लेकिन इस चुनाव को कराने के लिये चुनाव आयोग को कड़ी मेहनत करनी पड़ी है.

 

लद्दाख के चुनाव अधिकारी सिमरनजीत सिंह के मुताबिक लद्दाख श्रीनगर और हिमाचल प्रदेश के सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है और यह दोनों मार्ग इस समय बर्फ के कारण बन्द है और ऐसे में चुनाव कर्मचारी और सुरक्षा बलों को हवाई मार्ग से लद्दाख लाया गया है.

 

लेह पहुँचने के बाद कुछ कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को वायू सेना के एक बड़े हवाई जहाज़ में जंस्कार ले जाया गया जहां से आगे कुछ कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर से उनके पोलिंग स्टेशनों तक पहुँचाया गया है.

 

कुछ चुनाव कर्मचारियों को बसों से और कुछ को तो ट्रेकिंग कर पोलिंग स्टेशनों तक भेजा जा रहा है.

 

साल के छह महीनों तक सड़क मार्ग से बन्द होने के कारण लद्दाख में चुनाव करवाने आये कर्मचारीयों को खाने पीने की चीजों की कमी से भी दिक्कतें आती हैं.

 

चुनाव आयोग ने भी लेह में चुनाव कराने को लेकर नियमों में कुछ बदलाव किए हैं.

 

लद्दाख की सीमा एक तरफ़ से पाकिस्तान से लगती है और दूसरी तरफ़ चीन से और ऐसे में सीमा से सटे इलाकों में किसी आपात्कालीन स्तिथि से निपटने के पूरे इंतेज़ाम भी किए गए हैं.

 

सिमराजनीत सिंह के मुताबिक पाकिस्तान अधीकृत काश्मीर से सटी सीमा से फायरिंग की आशंका बनी रहती है जबकि चीन की तरफ़ से घुसपैठ का खतरा रहता है और इन दोनों से निपटने के लिए तैयारी पूरी की गई है.

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