लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में पूर्वोत्तर के चार राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग शुरू

By: | Last Updated: Wednesday, 9 April 2014 2:15 AM
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में पूर्वोत्तर के चार राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग शुरू

ईवीएम (वोट डालने वाली) मशीन.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव का दूसरा दौर आज से शुरू हो गया है. चार पूर्वोत्तर राज्यों की छह सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है. अरुणाचल की दो, मेघालय की दो, मणिपुर और नागालैंड की एक-एक सीटों पर वोटिंग हो रही है.

 

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज पूर्वोत्तर की छह सीटों पर मतदान होगा. इसमें अरुणाचल की दो, मेघालय की दो, मणिपुर और नागालैंड की एक-एक सीटें हैं.

 

अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में चुनाव

अरुणाचल प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों में से 49 सीटों के लिए भी आज वोट डाले जाएंगे. मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा.

 

अरुणाचल प्रदेश में चुनाव से एक दिन पहले चीन ने कहा है कि वो अरुणाचल प्रदेश विवाद को लेकर अपने रुख पर कायम है. आपको बता दें चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है.

 

मिजोरम की एक सीट पर आज होने वाला मतदान राज्यव्यापी बंद की वजह से टल गया है. इस लोकसभा सीट के लिए अब 11 अप्रैल को मतदान होगा.

 

विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री नाबम टुकी और उनके दो मंत्रिमंडलीय सहयोगी टंगा बायलिंग और पेमा खांडू सहित कांग्रेस के 11 प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इसीलिए शेष 49 क्षेत्रों में ही मतदान कराया जाना है.

 

चीन और म्यांमार की सीमा पर स्थित इस राज्य के कुल 753,170 मतदाओं में से 377,272 महिलाएं हैं. ये मतदाता दो लोकसभा क्षेत्रों में अपना दांव आजमा रहे 11 प्रत्याशियों में से पसंद के प्रत्याशी का चुनाव करेंगे.

 

लोकसभा चुनाव में अरुणाचल पश्चिम से दांव आजमा रहे आठ प्रमुख प्रत्याशियों में भाजपा के किरण रिजिजू कांग्रेस के मौजूदा सांसद टकाम संजय को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.

 

केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता निनोंग एरिंग अरुणाचल पूर्व से सांसद हैं और इस बार उनका मुकाबला भाजपा के तापिर गाओ से है.

 

राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस ने अक्टूबर तक कार्यकाल वाली विधानसभा को सात माह पहले ही भंग करने की सिफारिश की थी.

 

इस राज्य में निर्विरोध निर्वाचित होना कोई नहीं बात नहीं है. हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए पूर्व मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू 2004 और 2009 में लगातार दो बार निर्विरोध चुने गए थे.

 

49 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पांच महिला सहित 155 प्रत्याशी मैदान में हैं.

 

चुनावी मैदान में नगा पीपुल्स फ्रंट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) ने भी कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं.

 

मणिपुर और नागालैंड में चुनाव

बुधवार को नगालैंड की एकमात्र सीट, मणिपुर की दो में से एक सीट के लिए मतदान हो रहा है. मणिपुर में अभी कांग्रेस सत्ता में है और नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) नीत नगालैंड लोकतांत्रिक गठबंधन (डीएएन) की सरकार है.

 

मणिपुर में जनजाति के लिए आरक्षित मणिपुर बाहरी सीट पर मतदान कराया हो रहा है.  जबकि भीतरी मणिपुर क्षेत्र के लिए 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा.

 

बाहरी मणिपुर में बहुकोणीय संघर्ष के आसार दिख रहे हैं. यहां से एक महिला सहित 10 प्रत्याशी मैदान में हैं.

 

सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने मौजूदा सांसद थांगसो बाइटे को फिर से उतारा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने गणगमुमेई कामेई को उतारा है. तृणमूल कांग्रेस से किम गांगटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने चुंगखोकाई डोउंगेल को उतारा है.

 

तृणमूल प्रत्याशी किम गांगटे (51) मणिपुर से विजयी हो चुकी पहली महिला सांसद रही हैं. वे 1998 के लोकसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी.

 

इस वर्ष के चुनाव में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम वापसी, और विकास बड़े मुद्दे हैं.

 

बाहरी मणिपुर लोकसभा क्षेत्र में 911,699 मतदाताओं में से 463,068 महिलाएं हैं जो 1,406 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

 

नगालैंड में मुख्यमंत्री नेइफियू रिओ खुद ही कांग्रेस के प्रत्याशी के. वी. पुसा को चुनौती देंगे7 रियो की एनपीएफ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का घटक है.

 

तीन प्रत्याशियों के बीच होने जा रहे मुकाबले में अखेई अचुमी सोसलिस्ट पार्टी (इंडिया) से भाग्य आजमा रहे हैं.

 

राज्य के एक मात्र लोकसभा सीट के लिए 1182,903 मतदाता 2059 मतदान केंद्रों पर तीनों प्रत्याशी में से अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनेंगे.