वाड्रा के बचाव में दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल, वसुंधरा ने अब तक क्यों नहीं कार्रवाई?

By: | Last Updated: Tuesday, 29 April 2014 3:32 AM

नई दिल्ली: यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लेकर बीजेपी रोड हमले कर रही है लेकिन राजस्थान में बीजेपी सरकार होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं. वाड्रा विवाद पर पहली बार राजस्थान सरकार ने बयान दिया है. प्रवक्ता ने कहा है कि वाड्रा ने सस्ती जमीन खरीदी और महंगे दाम पर बेचकर गलत किया लेकिन कार्रवाई को लेकर अभी भी साफ नहीं कहा है कि कार्रवाई होगी तो कब और किन सबूतों पर.

 

आपको बता दें कि चुनाव आचार संहिता किसी भी मामले में आपराधिक केस दर्ज करने और उसकी जांच करने से नहीं रोकती.



चुनाव में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बहाने कांग्रेस और बीजेपी के बीच शह और मात का खेल चल रहा है. वाड्रा पर बीजेपी रोज हमले कर रही है. कांग्रेस का कोई न कोई नेता रोज वाड्रा के बचाव में आ रहा है. आज टाइम्स ऑफ इंडिया ने बाकायदा लेख लिखकर रॉबर्ट वाड्रा का बचाव किया है और मोदी-अदाणी के रिश्तों को लेकर हमला बोला है.

 

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया है कि राजस्थान में भी वाड्रा की जमीन का मुद्दा विधानसभा चुनाव में बीजेपी और वसुंधरा राजे ने खूब उठाय़ा था. क्यों तीन महीने से वसुंधरा राजे सरकार चलाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाईं?

 

दिग्विजय का कहना है कि चुनावी फायदे के लिए सिर्फ झूठा प्रचार किया गया था. तथ्य नहीं हैं इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है.

 

दिग्विजय सिंह के इस लेख के मुख्य अंश-

  • चुनाव में वाड्रा बनाम अदाणी को मीडिया में काफी जगह मिल रही है. मीडिया भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा मान रहा है.
     

  • वाड्रा ने हरियाणा में 3.5 एकड़ जमीन के लाइसेंस के लिए आवेदन किया. वाड्रा ने सरकार से नहीं, नागरिक से जमीन ली. वाड्रा को सरकार से जमीन मिली नहीं. जबकि सरकार ने 21 हजार से ज्यादा लाइसेंस जारी किए.
     

  • आईएएस अशोक खेमका कैसे दो नागरिकों के सौदे को रद्द कर सकते हैं जबिक किसी पक्ष ने कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई. खेमका को हटाने पर हरियाणा सरकार पर हमले करने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी आधा सच बता रही है.

     

  • हाईकोर्ट के आदेश पर खेमका का तबादला हुआ. तबादला आदेश के बाद खेमका ने लैंड डील रद्द की. हाईकोर्ट के आदेश पर तबादला गलत था या डील रद्द करना सही था? खेमका क्यों नहीं हाईकोर्ट गए?
     

  • राजस्थान में 3 महीने से वसुंधरा सरकार है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि चुनाव में फायदे के लिए सिर्फ झूठा प्रचार हुआ.
     

  • प्रियंका को मिल रहे जनसमर्थन से मोदी, बीजेपी घबरा गए हैं. इसीलिए उनके और वाड्रा के खिलाफ निजी हमले हो रहे हैं. ओपिनियन पोल ने जैसे ही मोदी को पीएम प्रोजेक्ट करना शुरू किया, अदाणी के शेयर खूब चढ़े.
     

  • अगर एक परिवार से जुड़ने के कारण वाड्रा से 3.5 एकड़ जमीन के लिए हिसाब मांगा जा राह है तो क्यों नहीं मोदी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से लिंक का जवाब देना चाहिए.

 

कल बीजेपी ने सवाल उठाया था कि वाड्रा पर सोनिया और राहुल क्यों चुप हैं. सवाल बीजेपी से भी पूछे जा रहे हैं कि अगर वाड्रा ने ग़ड़बड़ी की तो राजस्थान में क्यों नहीं बीजेपी सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया.

 

बीजेपी भले ही वाड्रा पर राजस्थान और हरियाणा में जमीन खरीद की हेराफेरी का आरोप लगा रही है . लेकिन सवाल ये है कि राजस्थान में तो बीजेपी की सरकार है फिर भी पार्टी वाड्रा के खिलाफ कोई कानूनी कदम क्यों नहीं उठा रही .

 

जैसे जैसे नतीजों के दिन नजदीक आ रहे हैं चुनाव में वाड्रा पर विरोधियों का हमला तेज होता जा रहा है. बीजेपी के कुछ नेता तो सरकार बनने पर जेल भेजने की बात तक कह चुके हैं. राबर्ट वाड्रा पर लग रहे आरोपों को लेकर रविवार को प्रियंका गांधी ने कहा था कि वो किसी से डरने वाली नहीं है.


वाड्रा का विवाद क्या है?

रॉबर्ट वाड्रा ने साल 2007 और 2008 में 50 लाख की पूंजी से पांच कंपनियां शुरू की और रियल एस्टेट के धंधे में उतर गए थे. वाड्रा के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में कथित रूप से जमीन की खरीद बिक्री में हेराफेरी का आरोप है. सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने वाड्रा के डीएलएफ से सौदे को लेकर सवाल उठाए थे. हरियाणा में तो आईएएस अशोक खेमका ने सरकार को जो अपनी रिपोर्ट दी थी उसमें भी दस्तावेजों की हेराफेरी को लेकर सवाल उठाये गए थे.